ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज 2025-26 सीरीज का आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है, जिसमें अभी तक मेजबान कंगारू टीम की पकड़ चौथे दिन के खेल में भी काफी मजबूत दिख थी। इंग्लैंड की टीम के लिए ये दौरा किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ जिसमें उन्होंने शुरुआती तीन मुकाबलों को गंवाने के साथ एशेज ट्रॉफी जीतने के सपने को भी खत्म कर दिया। वहीं चौथा मैच उन्होंने जरूर अपने नाम किया जिसके बाद अब पांचवें मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम से कड़ी टक्कर मिल रही है। इस दौरे पर इंग्लैंड की टीम के लिए सबसे ज्यादा मायूस करने वाली चीज उनकी ओपनिंग जोड़ी का बेहद खराब प्रदर्शन करना रहा, जो सिडनी टेस्ट में भी जारी देखने को मिला। इसी के साथ जैक क्रॉली और बेन डकेट की ओपनिंग जोड़ी ऐसी अनचाही लिस्ट का हिस्सा बन गई है, जिसमें वह कभी शामिल नहीं होना चाहेंगे।
इंग्लैंड के लिए ऑस्ट्रेलिया का ये दौरा काफी अहम था, जिसमें उन्हें जैक क्रॉली और बेन डकेट की अपनी ओपनिंग जोड़ी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, हालांकि ऐसा किसी भी मुकाबले में देखने को नहीं मिला। क्रॉली और डकेट की ओपनिंग जोड़ी इस पूरी सीरीज में 10 पारियों में टीम के लिए शुरुआत करने मैदान पर उतरी जिसमें दोनों ने मिलकर कुल 191 रन बनाए और उसमें सिर्फ एक बार ही अर्धशतकीय ओपनिंग साझेदारी दोनों के बीच देखने को मिली। इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी एक सीरीज में कम से कम 10 पारियों में ओपनिंग करने वाली जोड़ी के तौर पर ये अभी तक का दूसरा सबसे खराब औसत रहा है। इस लिस्ट में पहले नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की जॉन डायसन और ग्रेमी वुड की जोड़ी है जिनका साल 1981 की एशेज सीरीज में ओपनिंग साझेदारी का औसत 18.6 का था।
ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर इंग्लैंड टीम के ओपनिंग बल्लेबाज जैक क्रॉली को भारी आलोचना के बाद भी सभी पांचों मुकाबलों में खेलने का मौका मिला, लेकिन एक भी मैच में वह अपने चयन को पूरी तरह से सही साबित करने में कामयाब नहीं हो सके। सिडनी टेस्ट में भी इंग्लैंड टीम की दूसरी पारी के पहले ही ओवर की पांचवीं गेंद पर क्रॉली सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए। इस सीरीज में जैक क्रॉली 10 पारियों में 27.3 के औसत से सिर्फ 273 रन ही बना सके जिसमें उनके बल्ले से सिर्फ 2 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली।
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