पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी शशि बाला का रविवार को फगवाड़ा-चंडीगढ़ हाईवे पर बंगा और नवांशहर के बीच गांव कढ़ीहा के पास एक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनके बेटे अग्रिम और कार चालक तरसेम सिंह की भी मृत्यु हो गई।
यह हादसा रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ, जब उनकी कार दो टाटा एस वाहनों से टकरा गई।
वर्तमान में रेल कोच फैक्टरी, कपूरथला- आरसीएफ में हॉकी की कोच शशि बाला अपने बेटे अग्रिम (14) और बेटी वर्णिका (18) के साथ अपनी आल्टो कार में जा रहीं थीं। इनकी कार तरसेम सिंह चला रहे थे और हादसे के समय ये सभी लोग कपूरथला से चंडीगढ़ के रास्ते में थे।
बताया जाता है कि आल्टो कार पहले एक टाटा एस वाहन से टकराई और फिर बेकाबू होकर सामने से आते एक और टाटा एस वाहन से जा भिड़ी।
शशिबाला ने मौके पर दम तोड़ दिया था, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके बेटे अग्रिम, उनके कार चालक तरसेम सिंह और दूसरे टाटा एस वाहन में सवार 15 वर्षीय जीवन कुमार की मौत नवांशहर के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। उनकी बेटी की भी हालत नाजुक बताई जाती है।
हाकी इंडिया के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने एक विग्यप्ति में कहा हाकी इंडिया भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान और उनके 15-वर्षीय बेटे की असामयिक मृत्यु से बेहद दुखी है। पूरा हाकी जगत वैसे व्यक्तित्व की मृत्यु पर शोक व्यक्त करता है जिन्होंने भारतीय हाकी में अहम योगदान किया।
शशि बाला ने वर्ष 1987 में अंतरराष्ट्रीय हाकी में पदार्पण किया था और 1998 एफआईएच महिला विश्व कप में राष्ट्रीय टीम की सदस्य के तौर पर भाग लिया था।
उन्होंने 1997 एफआईएच महिला विश्व कप क्वालीफायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने बाद में रेलवे की हाकी टीम में बतौर कोच योगदान दिया और उसके बाद वह हाकी पंजाब की चयनकर्ता बनी।