रियो डी जनेरियो: भारतीय बैडमिंटन दल ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में गुरुवार को अपने अभियान की शुरुआत करने उतरेगा। पूरे देश को उनसे पदक की उम्मीद है और वह भी चाहेंगे की इस बार लंदन ओलम्पिक में मिली सफलता को न सिर्फ दोहराया जाए बल्कि उसमें इजाफा भी किया जाए। रियो सेंटर के चौथे पवेलियन में भारतीय खिलाड़ी अपनी किस्मत अजमाएंगे। इस बार भारत के सात बैडमिंटन खिलाड़ी ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं।
लंदन ओलंपिक-2012 में कांस्य पदक जीतने वाली देश की शीर्ष महिला खिलाड़ी सायना नेहवाल और विश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य पदक अपने नाम कर चुकीं पी. वी. सिन्धु ने महिला एकल के लिए क्वालीफाई किया है। वहीं, किदाम्बी श्रीकांत ने पुरुषों की एकल स्पर्धा में जगह बनाई है।
पुरुष युगल में मनु अत्री और बी. सुमीत रेड्डी पदक दिलाने की कोशिश करेंगे। वहीं एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में भारत की तरफ से दावेदारी पेश करेंगी।
हालांकि, मिश्रित युगल में भारतीय खिलाड़ी ओलम्पिक में क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं। सायना इस बार अपने पदक का रंग बदलने को बेताब हैं। सायना का मुकाबला स्थानीय खिलाड़ी लोहायन्नी विसेंटे से होगा। यह दोनों खिलाड़ी महिला एकल के ग्रुप-जी में स्पर्धा करेंगी।
वहीं भारतीय टीम के कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में कड़ा अभ्यास कर रहीं सिंधु अपने पहले मैच में ग्रुप-एम में हंगरी की लॉरा सारोसि से भिड़ेंगी। भारत की शीर्ष महिला युगल जोड़ी ज्वाला और अश्विनी विश्व की सर्वोच्च वरीय जोड़ी जापान की ए. ताकाशाशी और एम. माटसुटोमो का सामना करेगी।
मनु और सुमीत भी पदक के लिए काफी पसीना बहा रहे हैं। यह भारतीय पुरुष युगल जोड़ी इंडोनेशिया के मोहम्मद अहसान और हेन्द्र सेतीआवान के खिलाफ रियो में अपने अभियान का आगाज करेगी।