निशानेबाज धनुष श्रीकांत ने 16 नवंबर को तोक्यो में डेफलिम्पिक्स (बधिर ओलंपिक) में पुरुषों की एयर राइफल स्पर्धा में गोल्ड मेडल के साथ भारत के लिए खाता खोला। 23 साल के श्रीकांत ने 2022 में ब्राजील में 19 साल की उम्र में बधिर ओलंपिक में डेब्यू किया था और दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी थी। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 252.2 का फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और शीर्ष पोडियम स्थान हासिल किया। हमवतन मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने फाइनल में 250.1 अंक से रजत जबकि साउथ कोरिया के बाएक सेउंगक ने 223.6 अंक से ब्रॉन्ज मेडल जीता।
फाइनल में धनुष ने बधिर ओलंपिक और बधिर ओलंपिक फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड दोनों को तोड़ते हुए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल बधिर ओलंपिक में दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 2022 में उन्होंने व्यक्तिगत और मिश्रित टीम दोनों में गोल्ड मेडल जीते थे। धनुष सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में माहित संधू के साथ जोड़ी बनाकर अपने करियर का चौथा गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य रखेंगे।
संधू ने जीता सिल्वर मेडल
20 साल के संधू ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में 250.5 के स्कोर के साथ सिल्वर जीता। हमवतन कोमल वाघमारे (228.3) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता जबकि यूक्रेन की लिडकोवा वायलेटा ने 252.4 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। संधू ने 623.4 अंकों के साथ आठ निशानेबाजों के फाइनल के लिए दूसरे स्थान पर क्वालीफाई किया जबकि वाघमारे (622.0) तीसरे स्थान पर रहीं थीं। बधिर निशानेबाज राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सामान्य एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपनी रैंकिंग के आधार पर राष्ट्रीय शिविरों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी चुने जाते हैं।
(PTI Inputs)
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