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Facebook की खो रही रिलिवेंसी से चिंतित हुए 'बॉस' जुकरबर्ग, पुराने ई-मेल से खुले कई राज

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Apr 18, 2025 05:52 pm IST,  Updated : Apr 18, 2025 05:53 pm IST

मार्क जुकरबर्ग का एक पुराना ई-मेल सामने आया है, जिसमें फेसबुक की रिलिवेंसी को लेकर उन्होंने चिंता जताई है। इस ई-मेल में मेटा के तीनों प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप को लेकर उनकी प्लानिंग को लेकर कई बातें सामने आई हैं।

Mark Zuckerberg Facebook- India TV Hindi
मार्क जुकरबर्ग Image Source : FILE

मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta इन दिनों मुश्किलों की दौर से गुजर रही है। कंपनी पर 12 साल पहले किए गए Instagram और WhatsApp के अधिग्रहण को लेकर फेडरल ट्रेड कमशीन ट्रिब्यूनल में केस चल रहा है। FTC ने मेटा के इस डील को अवैध करार दिया है। इस दौरान मार्क जुकरबर्ग और फेसबुक हेड टॉम एलिसन के बीच अप्रैल 2022 में हुए ई-मेल वार्तालाप को कोर्ट के सामने रखा गया। इसमें मेटा के बॉस मार्क जुकरबर्ग द्वारा फेसबुक को रिलिवेंसी को लेकर बात की गई।

फेसबुक की रिलिवेंसी को लेकर चिंता

बिजनेस इंसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्क जुकरबर्ग ने इस ईमेल में फेसबुक की रिलिवेंसी को लेकर चिंता जताते हुए कहा, "फेसबुक ऐप का इंगेजमेंट कई जगहों पर स्थिर है लेकिन ऐसा लग रहा है कि इसकी कल्चरल रिलिवेंसी तेजी से कम हो रही है और मैं इसके भविष्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हूं।"

इस ई-मेल कम्युनिकेशन में मार्क जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि इंस्टाग्राम और वाट्सऐप के बेहतर करने के बावजूद मेटा सफल नहीं होगा, जब तक फेसबुक का भविष्य सही नहीं रहेगा। जुकरबर्ग ने अपने ई-मेल में फेसबुक के फ्रेंडिंग फीचर की खत्म होती लोकप्रियता को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने ई-मेल में लिखा कि कई लोगों के फ्रेंड ग्राफ उन लोगों से नहीं भरे हुए हैं, जिनसे वो वाकई कनेक्ट करना चाहते हैं।

फ्रेंडिंग कल्चर पर भारी फॉलोअर्स

जुकरबर्ग ने अपने ई-मेल में खुद माना कि वो फेसबुक, इंस्टाग्राम या ट्विटर (अब X) पर इंफ्लुएंशर्स को फॉलो करना चाहते हैं। फेसबुक का फ्रेंडिंग कल्चर अन्य प्लेटफॉर्म के फॉलोअर वाले फीचर्स से पिछड़ रहा है। उसके बाद जुकरबर्ग ने एलिसन को फेसबुक की रिलिवेंसी को बढ़ाने के लिए तीन ऑप्शन दिए थे। इनमें से एक बेहद ही पागलपन वाला आइडिया था, जिसमें लोगों के फ्रेंड ग्राफ को पूरी तरह से वाइप करने के बाद उन्हें स्कैच से शुरू करने की बात कही गई थी।

फेसबुक ने इसके बाद कम्युनिटीज और ग्रुप्स पर फोकस करना शुरू कर दिया, जिसमें और काम करने की जरूरत थी। जुकरबर्ग ने अपने ई-मेल में कहा मैं कम्युनिटी मैसेजिंग को लेकर बेहद सकारात्मक हूं लेकिन फेसबुक में कई सालों से चल रहे ग्रुप्स को लेकर मैं यह नहीं कह सकता हूं कि आगे हम और कितना इसे पुश कर सकेंगे। मार्क जुकरबर्ग के ये ई-मेल कुछ महीनों के बाद के हैं जब फेसबुक ने रील्स फीचर को रोल आउट कर दिया था।

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