1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. संचार साथी ऐप नहीं चाहते तो कर सकते हैं डिलीट, सरकार ने कर दिया साफ

संचार साथी ऐप नहीं चाहते तो कर सकते हैं डिलीट, सरकार ने कर दिया साफ

 Written By: Meenakshi Prakash Edited By: India TV News Desk
 Published : Dec 02, 2025 12:42 pm IST,  Updated : Dec 02, 2025 01:25 pm IST

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं, तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं।

Jyotiraditya Scindia- India TV Hindi
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया Image Source : JYOTIRADITYA SCINDIA/X

Sanchar Saathi: संचार साथी ऐप पर मचे हंगामे और विवाद के बीच केंद्र सरकार ने इसे लेकर स्थिति साफ की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि "अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं, तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं। यह ऑप्शनल है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस ऐप को सभी तक पहुंचाएं। इसे अपने डिवाइस में रखना है या नहीं, यह यूजर पर निर्भर करता है।" दरअसल संचार साथी ऐप को लेकर ये खबरें थीं कि इस ऐप को सभी नए फोन में रखना अनिवार्य है और इसे यूजर्स चाहें तो भी डिलीट नहीं कर सकते हैं। 

केंद्र सरकार ने जारी किया था निर्देश

केंद्र सरकार ने 28 नवंबर को सभी मोबाइल कंपनियों को ये निर्देश दिया है कि वो भारत सरकार की साइबर सुरक्षा से जुड़ी ऐप संचार साथी को 90 दिनों के भीतर सभी फोन्स में इंस्टॉल करें। इसके अलावा इस बात को भी सुनिश्चित करें कि यूजर्स इस ऐप को खुद से डिलीट या अनइंस्टॉल ना कर सकें। हालांकि इस खबर के आते ही इसका विरोध शुरू हो गया था और कांग्रेस सहित विपक्ष के कई नेताओं ने इस कदम को असंवैधानिक और जनता के आजादी के अधिकार का हनन बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी। अब केंद्र सरकार की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि यूजर्स चाहें तो इस ऐप को डिलीट कर सकते हैं और ये बिलकुल वैकल्पिक है।

सरकार के मुताबिक इस निर्देश के पीछे मकसद था कि संचार साथी ऐप के जरिए लोगों को फर्जी कनेक्शन की रिपोर्ट करने, फोन चोरी होने या गुम होने की रिपोर्ट करने में आसानी हो सकेगी। साइबर सिक्योरिटी की दिशा में ये ऐप जनता के काफी काम आ रही है और सरकार के लिए भी मददगार साबित हो रही है। संदिग्ध IMEI की रिपोर्ट करने के लिए भी ये ऐप काफी काम आती है और पुलिस को भी मदद करती है।

मौजूदा डिवाइस के लिए फिलहाल ये कहा गया कि भारत में पहले में बनी और बिक्री चैनलों में मौजूद डिवाइस के लिए, निर्माताओं और इंपोर्टर्स को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इन पर संचार साथी ऐप को लागू करना होगा। कंप्लाइंस रिपोर्ट की बात करें तो इसके तहत मोबाइल हैंडसेट के सभी मैन्यूफैक्चर्रर्स और इंपोर्टर्स को निर्देश जारी होने के 120 दिनों के अंदर दूरसंचार विभाग को कंप्लाइंस रिपोर्ट पेश करनी होगी।

ये भी पढ़ें

WhatsApp के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लेकर इस एक्सपर्ट ने जताई चिंता, फुल चैट रिकवरी पर दिया ये बड़ा संकेत

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक