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OnePlus के CEO जाएंगे जेल? इस देश ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, जानें क्या है मामला

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jan 14, 2026 02:56 pm IST,  Updated : Jan 14, 2026 04:00 pm IST

OnePlus के सीईओ पेट लाउ की गिरफ्तारी हो सकती है। चीनी कंपनी के खिलाफ अवैध तरीके से संस्थान चलाने और भर्ती करने का आरोप है। वनप्लस के सीईओ और ओप्पो के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर पेट लाउ की इस वजह से मुश्किलें बढ़ सकती है।

OnePlus CEO Pete Lau- India TV Hindi
वनप्लस सीईओ पेट लाउ Image Source : PETELAU/X

OnePlus के CEO Pete Lau की मुश्किलें बढ़ने वाली है। चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी के सीईओ के खिलाफ ताइवान ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वनप्लस पर अवैध तरीके से कारोबार चलाने और भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप है। वनप्लस पर चीन और ताइवान के संबंधी कानून के उल्लंघन का आरोप है। चीनी कंपनी गैरकानूनी तरीके से ताइवान में अपना कारोबार कर रही है, जिसे लेकर यह वारंट जारी किया गया है।

क्या है मामला?

ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस के मुताबिक, वनप्लस सीईओ पेट लाउ पर अवैध तरीके से कारोबार चलाने का आरोप है। कंपनी ने अवैध तरीके से 70 से अधिक कर्मचारियों को स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर रिसर्च, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन आदि के लिए रखा है। यह चीन और ताइवान के बीच संबंधों का उल्लंघन है। OnePlus के सीईओ पर ताइवान की भूमि पर लोगों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगा है।

अभियोजकों का कहना है कि वनप्लस ने बिना अनुमति ताइवान में ऑपरेशन चलाया है, जिसकी वजह से इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि वनप्लस का मुख्यालय चीन के शेनझेन शहर में है और 2021 में यह Oppo का इंडिपेंडेंट सब-ब्रांड था। पेट लाउ वनप्लस के सीईओ के साथ-साथ ओप्पो के भी चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर हैं। हालांकि, इस मामले में फिलहाल ओप्पो और वनप्लस की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है।

चीन और ताइवान के बीच बढ़ा तनाव

बता दें इस समय चीन और ताइवान के बीच तनाव चल रहा है। ताइवान लंबे समय से चीनी कंपनियों द्वारा स्थानीय टेक टैलेंट की कथित पोचिंग को लेकर सख्त है। ताइवान ने बीते कुछ सालों में कई चीनी कंपनियों पर शेल कंपनियां यानी फर्जी कंपनियां और विदेशी संस्थाओं के जरिए भर्ती करने के आरोप लग चुके हैं। इससे पहले भी अगस्त 2025 में ताइवान ने 16 चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू की थी। एक्सपर्ट्स की मानें तो वनप्लस के खिलाफ यह मुकदमा ताइवान में चीन के बढ़ते तकनीकी प्रभावों को रोकने के लिए बनाई गई रणनीति का एक हिस्सा हो सकता है।

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