जीएसटी परिषद संभवत: नेचुरल गैस को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के तहत लाने का फैसला ले सकती है। इस उपाय से तेल एवं गैस क्षेत्र को कुछ राहत मिलेगी।
अरुण जेटली ने महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार से आग्रह किया है कि वह राज्य वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम को एक जुलाई से पहले पारित कर दे।
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