प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज की नैनी जेल लाया जा चुका है। रविवार को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अतीक को सड़क मार्ग से प्रयागराज लेकर आई है। ऐसे में अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि अतीक को कोर्ट द्वारा क्या सजा मिल सकती है? इस पर कहा जा रहा है कि उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को फांसी या उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
अतीक पर अभी 100 मुकदमे दर्ज हैं लेकिन सजा किसी एक भी केस में नहीं हुई है। जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चन्द्र अग्रहरि ने इंडिया टीवी से कहा कि अपहरण के इस मामले में अतीक, अतीक के भाई अशरफ और गुर्गों पर 364 A धारा लगी है, जिसमें फांसी से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अपहरण के पुराने मामले में प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट 28 मार्च को फैसला सुना सकती है।
अतीक अहमद को साबरमती जेल और अशरफ को बरेली जेल से प्रयागराज लाया गया है। उमेश पाल ने 5 जुलाई 2007 में मुकदमा दर्ज कराया था। उमेश पाल बीएसपी विधायक राजू पाल की हत्या के चश्मदीद गवाह थे। राजू पाल की 2005 में हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप माफिया अतीक अहमद, अशरफ और अतीक के गुर्गों पर लगा था।
उमेश पाल ने जो एफआईआर कराई थी, उसके मुताबिक, 28 फरवरी 2006 को दोपहर 3 बजे उमेश पाल मोटरसाइकिल से जा रहे थे। प्रयागराज के सुलेम सराय फांसी इमली के पास अतीक अहमद और उसके गुर्गों ने उमेश पाल का अपहरण किया। उमेश पाल ने एफआईआर में लिखा कि अतीक अहमद ने अपनी लैंड क्रूज़र गाड़ी से उसका रास्ता रोका। अतीक के गुर्गे की एक और गाड़ी पीछे से आई, मोटर साइकिल से उमेश को उतारा और पिस्तौल सटाकर जबरदस्ती गाड़ी में बैठा दिया।
गाड़ी में अतीक और उसके साथी रायफल लेकर बैठे थे। उमेश के मुताबिक, उन्हें मारते पीटते चकिया में अतीक के दफ्तर ले जाया गया। एफआईआर में उमेश ने लिखा, 'अतीक ने अपने वकील से एक पर्चा लेकर मुझे दिया और कहा कि इसको पढ़कर रट लो, कल अदालत में यही बयान देना, नहीं तो तुम्हारी बोटी बोटी काटकर कुत्तों को खिला दूंगा।
सांसद (अतीक) ने अपने आदमी भेजकर मेरे घरवालों को उसी रात धमकाया कि तुम लोग थाना पुलिस टेलीफोन न करना, नहीं तो उमेश की हत्या कर दी जाएगी। मुझे रातभर कमरे में प्रताड़ित किया गया। सुबह 10 बजे अतीक अहमद और उसके साथी गाड़ी में बैठाकर ले गए और कहा कि रात में जो पर्चा दिया था, वही बयान देना, नहीं तो लौटकर घर नहीं जाओगे।
इनमें से अंसार की मौत हो गई है। अतीक अहमद साबरमती जेल में था, अशरफ बरेली जेल में था और फरहान नैनी जेल में है। बाकी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। अब कोर्ट के फैसले के समय इन सबको अदालत में मौजूद रहना होगा।
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