बलिया: यूपी के बलिया में एक नगर पंचायत ऐसी भी है, जहां सनातन धर्म के सम्मान की वजह से मांस-मछली और अंडा नहीं बेचा जाता है। यहां कसाई को जमीन भी नहीं बेची जाती है। खास बात ये है कि नगर पंचायत में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग पूरी एकता से रहते हैं। ऐसे में नगर पंचायत के चेयरमैन ने सीएम योगी से मिलकर इस गांव को अयोध्या जैसे धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
बलिया के चितबड़ागांव में सनातन का अनोखा स्वरूप दिखाई देता है। यहां हिन्दुओं के साथ-साथ मुसलमान समाज के लोग भी भगवान राम और सनातन धर्म की आस्था का सम्मान करते हैं। इसलिए यहां मांस, मछली और अंडा तक नहीं बिकता है और ना ही कोई इसका सेवन करता है।
यहां के लोग कसाई को अपनी जमीन भी नहीं बेचते हैं। ऐसे में नगर पंचायत के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस अनोखी सनातन नगरी को देश और दुनिया के पटल पर अयोध्या जैसे धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की मांग की है।
वहीं यहां के मुसलमानों का कहना है कि वह भी सनातन धर्म और भगवान की आस्था में यहां मांस, मछली-अंडा नहीं बेचते औऱ ना ही खुले तौर पर इसका सेवन करते हैं।
कहां है ये नगर पंचायत?
बलिया मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर चितबड़ागांव नगर पंचायत आसपास के इलाके में सनातन नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। 50 हजार की आबादी वाली इस नगर पंचायत में लगभग 6 हजार मुसलमान हैं। इस गांव की चर्चा आसपास के इलाकों में काफी होती है क्योंकि यहां के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं। देखना ये होगा कि क्या ये जगह भी अयोध्या की तरह धार्मिक नगरी के रूप में विकसित हो पाती है या नहीं।(इनपुट:बलिया से अमित कुमार)