लखनऊ के सरोजनी नगर से बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने बिजली की किल्लत को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि बिजली ना आने से सांसदों और विधायकों को जनता के गुस्से के सामना करना पड़ता है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नही होती। राजेश्वर सिंह ने पत्र में लिखा है कि पिछले साल भी बिजली की शिकायतें आई थीं। ऐसे में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने की जरूरत है।
राजेश्वर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र के पांच पावरहाउस का नाम लिखा है, जिनके अंतर्गत आने वाले इलाकों में बिजली कटौती की समस्या ज्यादा है। इस पत्र में उन्होंने बिजली कटौती की वजह और इसे ठीक करने के उपाय भी बताए हैं। उन्होंने विदेशों का उदाहरण देते हुए बिजली का आवंटन सही तरीके से करने की मांग की है।
देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
देश में पारा चढ़ने के साथ बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड 265.44 गीगावाट तक पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 257.37 गीगावाट जबकि मंगलवार को यह 260.45 गीगावाट के उच्चस्तर पर रही थी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा दोपहर 3.45 बजे तक 265.44 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। यह अब तक की अधिकतम मांग है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह लगातार तीसरा दिन है, जब बिजली की अधिकतम मांग ने रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले सोमवार को दोपहर 3:42 बजे बिजली की अधिकतम मांग 257.37 गीगावाट के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। सोमवार की अधिकतम मांग ने 25 अप्रैल को दोपहर 3.38 बजे दर्ज किए गए पिछले अब तक के उच्चतम स्तर 256.11 गीगावाट को पीछे छोड़ दिया। मंगलवार को दोपहर 3.40 बजे बिजली की अधिकतम मांग 260.45 गीगावाट के नए रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी।
मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान
विद्युत मंत्रालय ने इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान जताया है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताह भी लू जारी रहने का अनुमान लगाया है। कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारा चढ़ने के साथ घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग बढ़ रही है। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और खपत में और वृद्धि हो सकती है। पिछली गर्मियों में, जून, 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जो सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही। मई, 2024 में, बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावाट तक पहुंच गई थी, जो उस समय एक रिकॉर्ड था और सितंबर, 2023 में बने पिछले अबतक के उच्चतम स्तर 243.27 गीगावाट को पार कर गयी थी। इस बीच, दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग बुधवार को इस मौसम में पहली बार 8,000 मेगावाट को पार की गई। दिल्ली राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम मांग दोपहर 3:35:47 बजे 8,039 मेगावाट तक पहुंच गई।
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