उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके मद्देनजर गोरखपुर महानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तत्काल प्रभाव से 21 दिनों के लिए सभी जीवित मुर्गे की दुकानों (लाइव बर्ड मार्केट) को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। यह फैसला महानगर के प्रमुख स्थलों पर मुर्गी विक्रेताओं की दुकानों और चिड़ियाघर से लिए गए बर्ड फ्लू सैंपल के पॉजिटिव आने के बाद लिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
पॉजिटिव सैंपल के बाद आदेश
20 मई को गोरखपुर चिड़ियाघर और महानगर की चार मुर्गी विक्रेताओं की दुकानों से बर्ड फ्लू के सैंपल लिए गए थे। इन सैंपल की जांच में एवियन इन्फ्लूएंजा के H5N1 और H9N2 स्ट्रेन पॉजिटिव पाए गए हैं। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल 21 दिनों के लिए मुर्गा बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है, बल्कि संक्रमित क्षेत्र के 1 किलोमीटर की परिधि में सभी मुर्गों को मारने और पूरे इलाके को विसंक्रमित करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। हजारों की संख्या में मुर्गों को दफनाया जा रहा है।
कुछ क्षेत्रों में राहत, कहीं चिंता
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडे ने बताया कि गोरखपुर-बस्ती मंडल से कुल 1470 सैंपल बर्ड फ्लू जांच के लिए एकत्र किए गए थे, जिसमें से गोरखपुर जिले से ही 1328 सैंपल लेकर भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएसएचएडी) भेजे गए थे। राहत की बात यह है कि ये सभी सैंपल नेगेटिव पाए गए थे। हालांकि, नगर निगम द्वारा चार जगहों से लिए गए सैंपल के पॉजिटिव आने से नई चिंता उत्पन्न हो गई है। पॉजिटिव पाए गए इन मुर्गों को नष्ट करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
सावधानी बरतें, अफवाहों से बचें
जिला प्रशासन ने आम जनता से सावधानी बरतने और अफवाहों के चक्कर में न पड़ने की अपील की है। चिकन खाने वाले लोगों को खासतौर से सावधान रहने की सलाह दी गई है। 21 दिनों के इस प्रतिबंध का उद्देश्य बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकना और स्थिति को काबू में लाना है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठा रहा है।
(रिपोर्ट- राजेंद्र श्रीवास्तव)
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