देशभर के अलग-अलग राज्यों में भीषण बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना देखने को मिली है। दरअसल यहां मंगलवार की शाम को आकाशीय बिजली की चपेट में आने की वजह से एक दंपत्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, शाम चार बजे करीब चित्राहाट थाना क्षेत्र के पई गांव में हरि सिंह और उनकी पत्नी कांति देवी दोनों खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान बारिश से बचने के लिए दोनों खेत में ही एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आनी की वजह से दोनों की मौत हो गई।
पुलिस ने कही ये बात
चित्राहाट के थाना प्रभारी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।’’ उन्होंने कहा कि पति-पत्नी बेहद गरीब थे और मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। इसी तरह का मामला बिहार में भी देखने को मिला है। दरअसल बिहार के 6 जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की घटनाओं में कुल 12 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। वज्रपात से सर्वाधिक मौतें बक्सर जिले में हुई हैं।
बिहार में आकाशीय बिजली से 12 लोगों की मौत
आकाशीय बिजली की चपेट में आने की वजह से बिहार के बक्सर में 4 लोगों की, पश्चिम चंपारण में 3, कटिहार में 2, कैमूर, लखीसराय, सीतामढ़ी में 1-1 लोगों की मौत हुई है। बता दें कि इस साल अप्रैल में बिहार के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और वज्रपात से जुड़ी घटनाओं में 90 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। बिजली गिरने और वज्रपात से फसलों और घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। अप्रैल में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत नालंदा जिले में हुई थी। उस दौरान भी बिहार सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा देने का ऐलान किया था।
(इनपुट-भाषा)