1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार में आकाशीय बिजली का कहर, 24 घंटे में 12 लोगों ने गंवाई जान, आश्रितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान

बिहार में आकाशीय बिजली का कहर, 24 घंटे में 12 लोगों ने गंवाई जान, आश्रितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 17, 2025 06:51 pm IST,  Updated : Jun 17, 2025 07:38 pm IST

बिहार में वज्रपात की घटना में पिछले 24 घंटे में 12 लोगों की मौत हो गई। वज्रपात की घटना में सबसे ज्यादा बक्सर जिले में चार लोगों ने जान गंवा दी।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PEXELS.COM

बिहार के 6 जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की घटनाओं में कुल 12 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। वज्रपात से सर्वाधिक मौतें बक्सर जिले में हुई हैं।

पिछले 24 घंटे में वज्रपात से हुई मौतें

  1. बक्सर में 4 लोगों ने गंवाई जान
  2. पश्चिम चंपारण में 3 लोगों की मौत
  3. कटिहार 2 लोगों की मौत हुई
  4. कैमूर में 1 की मौत
  5. लखीसराय में 1 की मौत 
  6. सीतामढ़ी में 1 की मौत

अप्रैल में वज्रपात से 90 लोगों की हुई थी मौत

बता दें कि इस साल अप्रैल में बिहार के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और वज्रपात से जुड़ी घटनाओं में 90 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। बिजली गिरने और वज्रपात से फसलों और घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। अप्रैल में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत नालंदा जिले में हुई थी।

आकाशीय बिजली क्यों गिरती है?

आकाशीय बिजली (वज्रपात) तब आती है, जब बादलों में बिजली जमा हो जाती है और फिर अचानक जमीन पर गिरती है।

आकाशीय बिजली कैसे बनती है?

जब गर्म हवा ऊपर उठती है, तो वह ठंडी होकर पानी की बूंदों और बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल जाती है। इन्हीं से बादल बनते हैं। बादलों के अंदर हवा बहुत तेज चलती है। इस तेज हवा से पानी की बूंदें और बर्फ के टुकड़े आपस में टकराते हैं। इस टकराव से उनमें बिजली का चार्ज (आवेश) जमा हो जाता है, ठीक वैसे ही जैसे सर्दियों में ऊनी कपड़े पहनने पर कभी-कभी हल्का झटका लगता है। इस टकराव से बादल का ऊपरी हिस्सा पॉजिटिव चार्ज वाला हो जाता है और निचला हिस्सा नेगेटिव चार्ज वाला बन जाता है। जमीन में भी आमतौर पर पॉजिटिव चार्ज होता है। जब बादलों में बहुत ज्यादा नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है और जमीन का पॉजिटिव चार्ज उसे अपनी ओर खींचने लगता है, तो बादल इस चार्ज को छोड़ना चाहते हैं, ताकि संतुलन बन सके। यह चार्ज हवा के रास्ते तेजी से जमीन की ओर आता है, जिससे हमें एक बहुत तेज चमक दिखाई देती है, जिसे हम आकाशीय बिजली कहते हैं। यही बिजली जब जमीन पर गिरती है, तो उसे वज्रपात कहते हैं।

ये भी पढ़ें-

नोएडा: आपसी विवाद में युवक को कार से कुचला, दोनों पैर टूटे; देखिए घटना का पूरा VIDEO

"अवसरवादी सियासत को बढ़ावा नहीं... ", भतीजे के साथ जाने की अटकलों के बीच शरद पवार का बड़ा बयान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।