ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा 2 के आई ब्लॉक में दूषित पानी पीने से 50 से अधिक लोग बीमार होने का मामला सामने आया है। निवासियों का आरोप है कि सप्लाई के पानी में सीवर का पानी मिल रहा है, जिसके कारण उन्हें उल्टी, दस्त और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो रही हैं। इससे पहले सेक्टर डेल्टा वन में भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी।
बीमार लोगों में उल्टी, दस्त और टाइफाइड के लक्षण पाए गए हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जहां लोगों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए गए। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्र में सीवर लाइनों की सफाई भी की।
निवासियों ने लगाया गंभीर आरोप
सेक्टर के निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि आई ब्लॉक में सीवर चोक होने और पानी की निकासी न होने से गंदगी फैली रहती है। सुबह के समय सप्लाई के पानी में गंदा पानी मिलकर आता है, जिससे लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं।
सोसाइटी के लोगों ने कहा कि प्राधिकरण इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं करना चाहता। उन्होंने मांग की कि दूषित पानी की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पुरानी और टूटी हुई पाइपलाइनों को बदला जाए। निवासियों के अनुसार, पूरे सेक्टर में सीवर पाइपलाइनें जगह-जगह से टूटी हुई हैं, जो पीने के पानी में मिल रही हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दिया ये बयान
इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि डेल्टा वन सेक्टर में दूषित पानी की समस्या को ठीक कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं और ऐसी समस्या सामने आती है, तो उसे भी तुरंत दुरुस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मामले की सही तरीके से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट- राहुल ठाकुर, नोएडा