आगरा शहर में नगर निगम की कार्रवाई ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के चाचा जगदीश कुशवाहा की मिठाई की दुकान पर पहले तो सिर्फ एक हजार रुपये का चालान काटा गया, लेकिन मौके पर 3000 रुपये ले लिए। आरोप है कि निगम के कर्मचारियों ने जगदीश को गिराकर डंडों से भी पीटा और दुकान पर बुलडोजर भी चला दिया गया। यह घटना न केवल भाजपा के भीतर हलचल का कारण बनी, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नगर निगम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
निगम ने चालान काटा 1000 रुपये का लेकिन ले लिए 3000 रुपये
घटना बुधवार की बताई जा रही है। जब नगर निगम का सेनेटरी विभाग खेरिया मोड़ पर सफाई और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चला रहा था। इसी दौरान सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रदीप गौतम भाजपा विधायक के चाचा जगदीश कुशवाहा की मिठाई की दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि दुकान में प्लास्टिक के गिलास पाए जाने पर इंस्पेक्टर ने ₹1000 का चालान काटा, लेकिन मौके पर ₹3000 नकद ले लिए। इस पर दुकानदार जगदीश कुशवाहा ने आपत्ति जताई और बात बढ़ गई। थोड़ी देर में नगर निगम के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और कथित रूप से विवाद बढ़ता चला गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ा कि निगम कर्मचारियों ने दुकानदार से हाथापाई कर दी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
घटना के बाद भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने मामले को गंभीरता से लिया और परिजनों ने शाहगंज थाने में जाकर तहरीर दी। पुलिस ने सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रदीप गौतम, प्रताप नामक एक अन्य नामजद आरोपी और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। CCTV फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं।
निगम के कर्मचारियों ने अधिकारियों के ऑफिस में जड़ा ताला
पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में जब पुलिस ने निगमकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया तो नगर निगम के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने नगर निगम में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने अधिकारियों के ऑफिस में ताले भी लगा दिए। कर्मचारियों ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया और विरोध जताया। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने केवल नियमों का पालन किया था, जबकि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मामला एक राजनीतिक परिवार से जुड़ा है।
निगमकर्मियों में यह चर्चा है कि अगर जल्द ही मामला सुलझा नहीं गया तो वे सामूहिक रूप से उच्चाधिकारियों से मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं नगर निगम प्रशासन की ओर से इस विषय में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। चूंकि यह मामला भाजपा विधायक के परिवार से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन भी पूरी सतर्कता से काम कर रहा है। विधायक के समर्थकों की मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार की भी जांच हो।
रिपोर्ट- अंकुर कुमारिया, आगरा
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