यूपी के सीतापुर में एक शोरूम प्रबंधक को टूटी चप्पल वापस नहीं करना भारी पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने शोरूम प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। फोरम ने जिले के एसपी को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि आरोपी को दो जनवरी तक गिरफ्तार कर वारंट की तमील कराई जाए। अब शोरूम प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
1700 रुपये में खरीदी चप्पल, एक महीने भी नहीं चली
ग्राहक आरिफ का कहना है कि मई 2022 को उसने लिबर्टी शोरूम से 1700 रुपये में एक चप्पल खरीदी थी। शोरूम ने चप्पल पर छह महीने की वारंटी दी थी। चप्पल एक महीने के अंतराल में ही टूटने लगी। शिकायत करने पर टूटी चप्पल बदलने से शोरूम ने मना कर दिया। इसके बाद वह लिबर्टी शोरूम के प्रबंधक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम चला गया। इसके बाद फोरम ने शोरूम को आठ जनवरी 2024 तक फोरम ने चप्पल की कीमत और मानसिक प्रताड़ना के लिए 2500 व मुकदमें में खर्च के रुप में 5000 रुपये देने का आदेश दिया। लेकिन शोरूम ने उपभोक्ता फोरम के आदेश को दरकिनार किया।
क्या है पूरा मामला
यह मामला साल 2022 का है। सीतापुर के बट्सगंज निवासी आरिफ ने 17 मई 2022 को ट्रांसपोर्ट चौराहे के पास स्थित लिबर्टी शोरूम से 1700 रुपये की चप्पल खरीदी थी। शोरूम प्रबंधक ने 6 महीने की वारंटी का आश्वासन दिया था, लेकिन महज एक महीने में ही चप्पल टूटने लगी। शिकायत करने पर पहले टालमटोल किया गया, फिर चप्पल रख ली गई लेकिन नई नहीं दी गई। परेशान होकर आरिफ ने 17 अक्टूबर 2022 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। नोटिस के बावजूद प्रबंधक न तो फोरम में पेश हुए और न ही कोई जवाब दिया। इसके बाद 8 जनवरी 2024 को फोरम ने आदेश दिया कि चप्पल की कीमत के साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए 2500 रुपये और मुकदमा व्यय के रूप में 5000 रुपये कुल मिलाकर भुगतान किया जाए। लेकिन इस आदेश का भी पालन नहीं किया गया।
रिपोर्ट- मोहित मिश्रा