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राम मंदिर में पानी टपकने के दावों को नृपेंद्र मिश्र ने किया खारिज, मुख्य पुजारी ने कही ये बात

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Jun 25, 2024 01:42 pm IST,  Updated : Jun 25, 2024 07:02 pm IST

अयोध्या राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने मंदिर की छत से पानी टपकने के दावों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पानी लीकेज की समस्या से इनकार कर दिया है।

भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा और मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास- India TV Hindi
भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा और मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास Image Source : INDIA TV

अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के उस दावे को भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि बारिश के दौरान मंदिर की छत से पानी टपक रहा है। नृपेन्द्र मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि मंदिर परिसर में पानी लीकेज की कोई समस्या नहीं है। मैंने स्वयं जाकर निरीक्षण किया हूं। 

नृपेन्द्र मिश्रा ने कही ये बात

पत्रकारों से बातचीत करते हुए नृपेन्द्र मिश्रा ने कहा कि मंडप निर्मानाधीन है। मंडप की छत द्वितीय मंजिल पर जाकर पूरी होगी। द्वितीय तल पर गुण मंडप की छत पड़ने के बाद ही बारिश के पानी का मंदिर में प्रवेश रुकेगा। श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए गुण मंडप की छत पर अस्थाई निर्माण बनाया गया है। ताकि पानी और धूप न पहुंच पाएं। 

निर्माण कार्य की समय-समय पर कराई जाती है जांचः मिश्रा

नृपेन्द्र ने कहा कि बिजली की अंडरग्राउंड वायरिंग में तार डालना है। इसके लिए पाइप खुला है। पाइप के जरिए नीचे सीवेज में पानी आया। निर्माण में किसी भी तरीके की कोई कमी नहीं है। राम मंदिर में उच्चतम स्तर का निर्माण कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीबीआरआई से समय-समय पर निर्माण कार्य की जांच कराई जाती है। सीबीआरआई रुड़की के वरिष्ठ अभियंता हर माह में दो बार निर्माण कार्य की जांच करते हैं। अभियंता कार्य देखकर संतुष्ट होने पर प्रमाण पत्र देते हैं। 

गर्भ गृह में पानी जाने को लेकर कही ये बात

गर्भ गृह में जल निकासी की समस्या को लेकर भी नृपेन्द्र मिश्रा ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गर्भ गृह में भगवान के स्नान और श्रृंगार का ही पानी होता है। साधु संतों की राय पर भगवान के स्नान और श्रृंगार के जल को एक कुंड में एकत्रित किया जाता है। श्रद्धालुओं को स्नान का जल उनकी मांग के अनुरूप उपलब्ध कराया जाता है। पानी के निकासी के लिए सभी मंडप में परनाला बनाया गया है। मंदिर के फर्श को इस तरीके से निर्मित किया गया है ताकि पानी अपने आप पानी निकल सके। नागर शैली में मंदिर सभी तरफ से बंद नहीं किया जाता। मंदिर में मंडप के दाएं और बाएं तरफ का पोर्शन खुला हुआ है। संभव है कि तेज बारिश की वजह से मंडप में पानी का छींटा आ जाए। निर्माण के कारण पानी आने की कोई संभावना नहीं है। 

आचार्य सत्येंद्र दास ने मंदिर की छत से पानी लीकेज का दावा किया

बता दें कि राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने दावा किया है कि बारिश का पानी मंदिर की छत से टपक रहा है। मंदिर के गर्भ गृह में भी पानी का जमाव हो गया। आचार्य सत्येंद्र दास ने निर्माण कार्य को लेकर सवाल भी उठाया।

रिपोर्ट- अरविंद, अयोध्या

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