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EXCLUSIVE: अखिलेश के सामने कितनी सीटों का ऑफर रखेगी ओवैसी की पार्टी, बिहार का डर दिखाकर कैसे करेगी अलायंस? पढ़ें AIMIM के UP चीफ से बातचीत

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 28, 2025 08:16 am IST,  Updated : Nov 28, 2025 08:16 am IST

बिहार में जीत के बाद AIMIM का कैडर उत्साहित है। यूपी में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की क्या तैयारी है और क्या समाजवादी पार्टी से गठबंधन होगा, इसको लेकर पढ़िए AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।

up aimim chief Shaukat ali interview- India TV Hindi
AIMIM के यूपी चीफ शौकत अली से पार्टी की रणनीति पर बातचीत। Image Source : SHAUKAT ALI/FACEBOOK

UP AIMIM Chief Exclusive Interview: बिहार विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीतने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का जोश, यूपी में भी हाई हो गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि AIMIM ने जैसे बिहार में गठबंधन के लिए तेजस्वी के सामने 6 सीटों का ऑफर रखा था वैसा ही कुछ यूपी में होने वाला है। इस सवाल का जवाब जानने के लिए INDIA TV ने AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से एक्सक्लूसिव बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में AIMIM की क्या रणनीति होगी, कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी उनकी पार्टी कर रही है, क्या सपा से गठबंधन किया जाएगा और क्या BSP से भी कुछ बातचीत चल रही है। पढ़िए AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से खास बातचीत।

सवाल- बिहार में अच्छे प्रदर्शन के बाद यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर AIMIM की क्या तैयारी है और क्या बिहार का फॉर्मूला यूपी में भी अपनाया जाएगा?

जवाब- AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि हमारा संगठन यूपी में बहुत मजबूत हो चुका है। हम अच्छे से यूपी विधानसभा चुनाव 2027 लड़ेंगे। फिलहाल तो हम यूपी के पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं। रही बात यूपी में AIMIM के चुनाव लड़ने की तो हमारा संगठन मजबूती से अपनी दावेदारी करेगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियां वोटर्स को बरगलाने में कामयाब हो गई थीं। हमारा संदेश ठीक से उनतक नहीं पहुंच पाया था, इसी वजह से AIMIM की सीटें नहीं आई थीं। लेकिन अगला जो विधानसभा चुनाव होगा उसके लिए हम बिल्कुल तैयार है। बिहार में तेजस्वी ने AIMIM से गठबंधन नहीं करके जो गलती की हम तो चाहते हैं कि वह गलती यूपी में अखिलेश यादव और कांग्रेस पार्टी ना करें। बिहार में हमारे 5 विधायक जीते हैं। बलरामपुर सीट पर तो महज 389 वोटों से हमारे उम्मीदवार की हार हुई। कांग्रेस और सपा के सांसद जब सीमांचल में प्रचार करने जा रहे थे तो वह अपने 20 मिनट के भाषण में 19 मिनट सिर्फ AIMIM की बुराई करते थे। इसी वजह से वोटों का बंटवारा हुआ और हमारा उम्मीदवार हार गया। कोई बात नहीं हम अपने दम पर लड़े और 5 सीटें जीतकर आए।

आप सोचिए जो समाज महज ढाई फीसदी है उसका डिप्टी सीएम घोषित हो गया था। जिनका वोट प्रतिशत 14 है, उनके मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान हो गया था लेकिन हमारा मुस्लिम समाज जो 18 फीसदी है उसको बिहार में 6 सीटें भी महागठबंधन ने नहीं दी। हम तो मान्यवर कांशीराम जी के मानने वाले हैं। वे कहते थे कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। इसके बावजूद हमने सिर्फ 6 सीटें मांगी थीं। लेकिन तब भी अलायंस नहीं हो पाया। इसी वजह से AIMIM को अलग होकर चुनाव लड़ना पड़ा। और इसी का जवाब जनता ने भी महागठबंधन को खूब दिया।

उन्होंने आगे कहा कि ठाकुरगंज सीट पर पिछले चुनाव में AIMIM को जितने वोट मिले थे, इस बार उससे दोगुने वोट मिले हैं। बिहार हो या यूपी, हमारा आधार हर जगह तेजी से बढ़ रहा है। मुस्लिम समाज का युवा हमारे साथ है। हमें अनुसूचित जाति के लोगों का सपोर्ट भी मिल रहा है। इसके अलावा, महिलाएं भी जागरूक हो रही हैं और AIMIM के पक्ष में वोट कर रही हैं। यूपी में 2027 में जब विधानसभा चुनाव होगा तो हम मजबूती से लड़ेंगे।

सवाल- यूपी में AIMIM कितनी विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है? बिहार में जैसे तेजस्वी के सामने सीटों का ऑफर रखा था क्या वैसा ही कुछ प्रस्ताव आप अखिलेश यादव के सामने भी रखेंगे और AIMIM कितनी सीटों की मांग करने वाली है?

जवाब- शौकत अली ने कहा कि हिंदुस्तान का मुस्लिम समाज कभी नहीं चाहेगा कि केंद्र में या किसी भी राज्य में बीजेपी चुनाव जीते। मुसलमानों ने अपने विकास के नाम पर नहीं बल्कि हमेशा बीजेपी को हराने के लिए वोटिंग की है। मुस्लिम कभी भी बीजेपी का साथ नहीं दे सकता है। यकीनन हम चाहेंगे कि बीजेपी को यूपी में रोका जाए। हम समझते हैं कि यूपी में बीजेपी को रोकने के लिए सपा और कांग्रेस का गठबंधन काफी नहीं है। फिर भी अगर वे AIMIM को साथ लेकर गठबंधन नहीं करेंगे तो ठीक है। हम तो एक सियासी दल हैं, हम चुनाव में हिस्सा तो लेंगे ही। लेकिन तब सपा-कांग्रेस वाले ये कहने के लायक नहीं रहेंगे कि AIMIM की वजह से उनको नुकसान हुआ। हम लोग तो BSP के साथ भी गठबंधन की कोशिश करेंगे। हम सपा के पास भी जाएंगे और कांग्रेस से भी बात करेंगे। हम उनको लेटर लिखेंगे। कोशिश करेंगे कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी हम बात करें। वे हमारे साथ आने को तैयार होंगे तो ठीक है वरना हम तो चुनाव लड़ेंगे ही।

उन्होंने आगे कहा कि हम लोग यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन आखिरी फैसला हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का होगा। अगर हम गठबंधन में जाएंगे तो गठबंधन धर्म निभाएंगे। सपा-कांग्रेस के अलावा हमारा फोकस BSP पर भी रहेगा क्योंकि दलित और मुस्लिम से अच्छा कॉम्बिनेशन कुछ नहीं हो सकता। ''DM'' फॉर्मूला यानी दलित-मुस्लिम का गठजोड़ ''MY'' के फॉर्मूले से कहीं अच्छा है। दोनों समाज का वोट प्रतिशत 20 के करीब है। अगर ये दोनों मिलते हैं तो आपस में जुड़कर 40 फीसदी तक पहुंच जाएंगे। हम यूपी में मजबूती के साथ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

सवाल- यूपी के ऐसे कौन से जिले हैं जहां AIMIM अपने प्रत्याशी जरूर उतारेगी और AIMIM कहां-कहां अपना बेस मजबूत मानती है?

जवाब- AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मुताबिक, जाहिर सी बात है कि सबसे ज्यादा फोकस मुस्लिम बहुल सीटों पर होगा। जैसे- मुरादाबाद मंडल की सीटें हों, सहारनपुर की हों या बरेली मंडल की हों, यहां पर तो हम अपने उम्मीदवार जरूर उतारेंगे। यहां की सीटों पर हम पिछली बार भी चुनाव लड़े थे। मौजूदा वक्त में हमारा संभल में चेयरमैन है जिसने 22 हजार वोटों से अपने प्रतिद्वंदी को हराया था। वहां तो उनके सामने 7 बार  के विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे नवाब इकबाल की पत्नी चुनावी मैदान में थीं। उनकी जमानत जब्त हो गई थी। उन्हें तो सिर्फ 6-7 हजार वोट मिले थे। जाहिर है कि हम संभल भी लड़ेंगे और बिजनौर भी लडे़ंगे। इतना ही नहीं यूपी की जो 84 सुरक्षित सीटें हैं वहां भी AIMIM अपने उम्मीदवार जरूर उतारेगी। रही बात गठबंधन की तो हमारा काम कोशिश करना है, जिससे बाद में हमारे ऊपर कोई आरोप ना लगाए कि हमारी वजह से बीजेपी जीत गई।

सवाल- बिहार चुनाव में जीत के बाद अब जब आप यूपी की जनता के बीच जा रहे हैं तो आपको क्या फर्क नजर आ रहा है। क्या आपको अब AIMIM का संदेश पब्लिक तक पहुंचाने में आसानी हो रही है?

जवाब- शौकत अली ने कहा कि हमें पहले से बहुत फर्क नजर आ रहा है। पहले हमारी सभाओं में कम लोग हुआ करते थे लेकिन अब जब हम सभाओं में जाते हैं तो पहले के मुकाबले बहुत भीड़ होती है। बिहार की जीत के बाद हमारे लोगों को मनोबल बढ़ा है। हमारे लोगों को कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ा है और उन्हें अब लगने लगा है कि हम अकेले भी जीत सकते हैं।

सवाल- क्या AIMIM पार्टी के अंदर ये बात चलती है कि यूपी में बहुमत भले ही ना ला पाएं लेकिन इतनी सीटें जरूर लें आएं कि किंगमेकर की भूमिका निभाएं?

जवाब- AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने साफ किया कि किंगमेकर की बात हम लोग अभी नहीं सोचते हैं। ये सब बाद की बात है। पहले हमारा फोकस ये है कि उत्तर प्रदेश में हम अपने ज्यादा से ज्यादा विधायक जिताकर लाएं।

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