उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग पर आयोजित होगी। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद होने वाली यह पहली कैबिनेट बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
कई प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसमें प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ उन्हें मंजूरी भी दी जा सकती है।
भाजपा संगठन में बदलाव के बाद कैबिनेट बैठक
इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। भाजपा संगठन में हालिया बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ दौरे से जाने के बाद यह मंत्रिपरिषद की बैठक होने वाली है। इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
एजेंडा में शामिल हो सकते हैं ये मुद्दे
ऐसे में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, विकास कार्यों में तेजी तथा आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति को लेकर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, निवेश, किसानों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल हो सकती है। हालांकि, बैठक का आधिकारिक एजेंडा सरकार की ओर से अभी जारी नहीं किया गया है।
विधानसभा चुनाव को देखते हुए अहम है ये बैठक
राजनीतिक हलकों की नजर इस बैठक पर इसलिए भी टिकी हुई है क्योंकि इसे आगामी सरकारी प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगले साल यूपी में विधानसभा के चुनाव हैं। इसके चलते भी ये कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
इसके पहले कैबिनेट बैठक में लिए जा चुके ये निर्णय
योगी सरकार ने मई महीने में कैबिनेट बैठक की थी। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण को लागू करने के लिए आयोग की सिफारिशें सर्वोच्च न्यायालय की अनिवार्य स्वीकृति हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में दो प्रमुख महानगर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई थी। साथ ही योगी सरकार ने आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के अंतर्गत स्टेशन निर्माण और एलिवेटेड सेक्शन के लिए आवश्यक भूमि के ट्रांसफर को मंजूरी दी थी।
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