Ajab Gajab : भारत के कई हिस्सों में इन दिनों प्रचंड गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। इस गर्मी में पंखा, कूलर और AC सभी बेअसर नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ा रहा है। मगर, जो लोग काम के सिलसिले में अपने घर से दूर से रह रहे हैं उनको मालिकों के दुर्व्यवहार का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ हुआ बेंगलुरु के एक शख्स के साथ भी हुआ। दरअसल, बेंगलुरु के एक किराएदार ने मकान मालिक पर आरोप लगाया है कि छोटे और कम हवादार फ्लैट में AC का ज्यादा इस्तेमाल करने पर उसे अपमानित किया। जबकि वह हर महीने 35,000 रुपये किराया देता है जिसमें बिजली और पानी का खर्च भी शामिल है। इस मामले की जानकारी रेडिट पोस्ट में साझा की गई है।
35 हजार रुपये महीने का किराया
इस पोस्ट को रेडिट पर @r/bangalorerentals ग्रुप पर @_as_you_like_it_ नामक हैंडल से शेयर किया गया। इसमें यूजर ने लिखा कि, 'मैं कोरमंगला में एक स्टूडियो अपार्टमेंट के लिए 35,000 रुपये किराया दे रहा हूं। यह बहुत छोटा है, इसमें बालकनी नहीं है और हवा आने-जाने की भी कोई सुविधा नहीं है। मैंने इसे इसलिए स्वीकार किया क्योंकि मैं अभी-अभी बैंगलोर आया था और शहर के बारे में ज्यादा नहीं जानता था। फ्लैट पूरी तरह से सुसज्जित है, इसमें एसी लगा हुआ है और किराए में बिजली और पानी का बिल भी शामिल है। लेकिन पता चला, "मैं इस बात का गलत फायदा उठा रहा हूं कि मुझे बिजली मुफ्त मिलती है और मैं एसी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रहा हूं।" इतना ही नहीं, इस तरह के व्यवहार के लिए मुझे बेवकूफ और मूर्ख भी कहा गया।'

मजबूरी में देखना पड़ रहा दूसरा फ्लैट
शख्स ने लिखा कि, 'ज़ाहिर है, वेंटिलेशन न होने के कारण मेरे पास उस फ्लैट में रहने के दौरान एसी चलाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। इसके अलावा, काश मैं उस दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को बता पाती कि बिजली मुफ्त नहीं है और वास्तव में मैं उस तरह के फ्लैट के लिए बहुत ज्यादा भुगतान कर रहा हूं। लेकिन फिर भी, मुझे आप लोगों की मदद चाहिए। मैं इस महीने के अंत तक फ्लैट खाली कर रहा हूं और मुझे जल्द से जल्द दूसरा फ्लैट ढूंढ़ना है। मैं ब्रोकरेज नहीं देना चाहता और कोरमंगला या उसके आस-पास कोई घर ढूंढ़ रहा हूं। मुझे एक प्रीमियम 1BHK फ्लैट चाहिए जिसके मालिक दखलंदाजी न करते हों।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस पोस्ट को प्लेटफॉर्म पर काफी लोकप्रियता मिली और इसने अन्य किराएदारों, खासकर बेंगलुरु में रहने वालों को प्रभावित किया। कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने सख्त मकान मालिकों, अस्पष्ट समझौतों और महंगे किराए पर खराब रहने की स्थिति जैसी समस्याओं से होने वाली परेशानियों का जिक्र किया। एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में लिखा, "नए शहर में बुरे अनुभवों में मकान मालिकों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।" दूसरे ने लिखा कि, "आपको ऑफ़लाइन जानकारी कैसे मिली? सभी मकान मालिक गेट पर किराए के लिए बोर्ड नहीं लगाते। और सुरक्षाकर्मी भी अब इलाके के दलालों के साथ मिले हुए हैं और जानकारी नहीं देते या कभी-कभी तो उन्हें पता ही नहीं होता कि कोई मकान खाली है या नहीं।" तीसरे ने लिखा कि, "मेरा मानना है कि फेसबुक, नोब्रोकर आदि जैसे ऑनलाइन विकल्पों पर निर्भर रहने के बजाय खुद जाकर किराए पर दिए जाने वाले मकानों के बोर्ड देखना कहीं बेहतर रहेगा।" एक तीसरे व्यक्ति ने सुझाव दिया कि "अपने सभी संदेह पूछें और उन्हें लिखित रूप में या समझौते में दर्ज करवा लें।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
मोर कितने साल तक जिंदा रहता है, जवाब सुनकर दिमाग घूम जाएगा; यकीन नहीं होगा