Viral Video : आईआईटी जैसे सपने को तोड़कर भी अगर मेहनत और सही माइंडसेट हो तो बड़े सपने पूरे हो सकते हैं। यही सबक दे रही है अमित दत्ता की कहानी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। एक टियर-2 कॉलेज के छात्र अमित ने 2018 में आईआईटी एंट्रेंस एग्जाम क्रैक नहीं कर पाए। उनके सहपाठी आईआईटी में एडमिशन की खुशियां मना रहे थे, जबकि अमित एक ऐसे कैंपस में पढ़ रहे थे, जिसका नाम ज्यादातर लोग नहीं जानते। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और खुद को ऐसा इंजीनियर बनाने का फैसला किया, जिसका श्रेय कोई कॉलेज न ले सके।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को @itsamitdutt नामक हैंडल से शेयर किया गया है। कैप्शन में उन्होंने लिखा, '2018 में, मैं IIT में दाखिला पाने में असफल रहा। मैंने अपने सहपाठियों को IIT में प्रवेश की घोषणा करते देखा, जबकि मैं एक ऐसे कैंपस में बैठा था जिसके बारे में ज़्यादातर लोगों ने कभी सुना भी नहीं था।' उस दौर को याद करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन मैंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सब कुछ बदल दिया। मैंने उस कॉलेज के लिए शोक करना छोड़ दिया जिसमें मुझे दाखिला नहीं मिला और एक ऐसा इंजीनियर बनने की राह पर चल पड़ा जिसका श्रेय कोई कॉलेज नहीं ले सकता।'
माइक्रोसॉफ्ट का रिजेक्शन बना टर्निंग प्वांइट
अमित ने 2021 में माइक्रोसॉफ्ट इंटर्नशिप के लिए इंटरव्यू देते समय मिली एक और निराशा को याद किया। उन्होंने कहा, 'मैंने हफ्तों तैयारी की और अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन मुझे अस्वीकार कर दिया गया। उस अस्वीकृति ने मुझे अंदर से तोड़ दिया, लेकिन साथ ही साथ मुझे फिर से मजबूत भी बनाया।' उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने और भी दृढ़ संकल्प के साथ दोबारा कोशिश करने का फैसला किया। उनकी लगन 2022 में रंग लाई जब उन्हें गूगल में पूर्णकालिक नौकरी मिल गई। उन्होंने लिखा, 'मैं आराम कर सकता था, ज्यादातर लोग ऐसा ही करते हैं, लेकिन मेरे मन में उस आईआईटी के अस्वीकृति पत्र जितना बड़ा बोझ था।' अगले दो वर्षों में, उन्होंने कौशल विकास और उन्नति पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे उन्हें सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय व्यापार यात्रा और कई देशों की यात्रा जैसे अवसर मिले। उन्होंने कहा, 'जो लड़का आईआईटी में दाखिला नहीं ले पाया था, वह अब अलग-अलग महाद्वीपों में समस्याओं का समाधान कर रहा था।'
लंदन में ट्रांसफर और फिर सफलता
अमित की जिंदगी में अहम मोड़ तब आया जब मेटा ने उन्हें अपने लंदन कार्यालय में एक पद के लिए संपर्क किया। दत्ता ने बताया, 'छह दौर के इंटरव्यू, मेरी जिंदगी के सबसे कठिन इंटरव्यू, और मैंने सभी छह राउंड पास कर लिए।' आखिरकार, वह ₹ 1.7 करोड़ के वेतन पर लंदन चले गए, एक ऐसा मुकाम जिसे वह कभी नामुमकिन मानते थे। उन्होंने लिखा, 'मैं 1.7 करोड़ रुपये के वेतन के साथ लंदन चला गया, एक ऐसे द्वितीय श्रेणी के कॉलेज से, जिसके बारे में किसी ने सुना भी नहीं था, एक ऐसे जीवन की ओर बढ़ गया जिसकी मैंने 2018 में कल्पना भी नहीं की थी।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडिया पर कई यूजर्स की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह ऐसी कहानी है जिसे हर छात्र को सुनना चाहिए।" दूसरे ने लिखा कि, "यह इस बात का सबूत है कि IIT ही सफलता का एकमात्र रास्ता नहीं है।" तीसरे ने लिखा कि, "कॉलेज के नाम से ज़्यादा आपकी सोच मायने रखती है।" एक और यूजर ने कहा, "अस्वीकृति वास्तव में आपको बेहतर चीजों की ओर ले जाती है," जबकि दूसरे ने लिखा, "कड़ी मेहनत और निरंतरता अंततः जीत दिलाती है।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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