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5 साल की बच्ची को 55 दिन में मिला न्याय, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को मौत की सजा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 17, 2025 08:44 pm IST,  Updated : Jan 17, 2025 08:44 pm IST

आरोपी चॉकलेट देने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसने दुष्कर्म किया और बच्ची की हत्या कर दी। घटना के कुछ घंटे बाद ही आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया था।

Representative Image- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

पश्चिम बंगाल में पांच साल की बच्ची को 55 दिन के अंदर न्याय मिला है। हुगली जिले के गुरप में दुष्कर्म और हत्या के मामले में पॉक्सो की एक अदालत ने शुक्रवार को दोषी को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने अपराध के 55 दिनों के भीतर फैसला सुनाया। चिनसुरा की पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) अदालत के न्यायाधीश ने 42 वर्षीय अशोक सिंह को बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को बुधवार को दोषी करार दिया था और शुक्रवार को उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 नवंबर 2024 की शाम को बच्ची लापता हो गई थी और जब उसके परिवार के सदस्यों ने इलाके में तलाश शुरू की तो बच्ची का शव पड़ोसी सिंह के घर से बरामद हुआ। अभियोजन पक्ष ने बताया कि सिंह बच्ची को चॉकलेट के बहाने अपने घर ले गया और उसकी हत्या करने से पहले उससे दुष्कर्म किया। 

वकीलों ने 27 गवाहों की जांच की

गुरप थाना प्रभारी बापी हलदर ने बताया कि आरोपी को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया और अपराध के 14 दिनों के भीतर सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया गया। पॉक्सो अदालत में 18 दिसंबर को मामले की सुनवाई बंद कमरे में शुरू हुई। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों ने मामले में 27 गवाहों की जांच की। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के लिए आभार व्यक्त किया।

54 दिन में आया फैसला

ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज, अदालत ने गुरप में छोटी बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई है और मैं इसके लिए न्यायपालिका को धन्यवाद देती हूं। मैं हुगली ग्रामीण जिला पुलिस को उनकी त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के लिए धन्यवाद देती हूं, जिसने 54 दिनों में त्वरित सुनवाई और दोषसिद्धि सुनिश्चित की। मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं, और मैं उनके दर्द और पीड़ा को समझती हूं।” ममता ने कहा, “दुष्कर्मी के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है। हम सब मिलकर सख्त कानून, सामाजिक सुधार, प्रभावी और कठोर प्रशासन के माध्यम से अपने बच्चों के लिए इसे एक सुरक्षित जगह बनाएंगे। इस तरह का कोई भी अपराध बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा।” (इनपुट-पीटीआई भाषा)

 

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