West Bengal Election में बड़ी जीत के बाद आज (शनिवार को) पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ली। शुभेंदु अधिकारी, शपथ लेने से पहले ही साफ कर चुके थे कि अब पश्चिम बंगाल में मैं नहीं हम सब मिलकर सरकार चलाएंगे। हालांकि, बंगाल की सत्ता संभालते ही शुभेंदु अधिकारी के सामने कानून व्यवस्था, अवैध घुसपैठ, सिंडिकेट सिस्टम पर लगाम लगाने और महिला सुरक्षा समेत कई बड़ी चुनौतियां हैं। इस आर्टिकल में उन चुनौतियों के बारे में जानते हैं।
अवैध घुसपैठ को रोकने की चुनौती
शुभेंदु अधिकारी के सामने चुनौतियों में सबसे अहम है बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकना। इसके लिए शुभेंदु को बीएसएफ और पुलिस के साथ मिलकर काम करना होगा। दूसरी सबसे अहम चुनौती है राज्य में गौ-तस्करी को पूरी तरह रोकना। बंगाल के रास्ते अभी बड़े पैमाने पर जानवरों की अवैध तस्करी की जाती है। नदी के रास्ते जानवरों को अवैध तरीके से बांग्लादेश भेजा जाता है।
कानून-व्यवस्था में सुधार लाना
तीसरा चैलेंज होगा बंगाल में महिलाओं को सुरक्षा देना, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर रोक लगाना। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को सुधारना होगा। इसके लिए कई कड़े कदम उठाने होंगे। इसके अलावा, बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना भी बड़ी चुनौती है।
सिडिंकेट सिस्टम का खात्मा करना
साथ ही, पश्चिम बंगाल में दशकों से सिंडिकेट-कट मनी सिस्टम सचिवालय से पंचायत तक फैला हुआ है। इस सिंडिकेट सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना शुभेंदु अधिकारी के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है क्योंकि यही सिंडिकेट सिस्टम बंगाल में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा दीमक है।
| क्रमांक | चुनौती |
|---|---|
| 1 | बंगाल में अवैध घुसपैठ को रोकना |
| 2 | गौ-तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना |
| 3 | महिला सुरक्षा के लिए दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड बनाना |
| 4 | बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना |
| 5 | सिंडिकेट-कट मनी कल्चर पर लगाम लगाना |
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