Raipur Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में रायपुर की सीट जीतना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती होगी। पिछले दो चुनावों में यहां बीजेपी का वोट बैंक जरूर बढ़ा है, लेकिन टीएमसी को हराकर पहली बार इस सीट पर जीत हासिल करना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा। यह सीट लंबे समय तक लेफ्ट का गढ़ रही थी। अब यहां टीएमसी ने लगातार दो चुनाव जीते हैं। ऐसे में ममता बनर्जी की पार्टी यहां जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश करेगी। वहीं, बीजेपी की कोशिश पहली बार इस सीट पर जीत हासिल करने की होगी।
1951 में बनी रायपुर सीट पर पहला चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता था। हालांकि, इसके बाद कांग्रेस समेत अलग-अलग पार्टियां जीत हासिल करती रहीं। 1977 से यह सीट सीपीआईएम का गढ़ बनी और 2011 तक इसी पार्टी का दबदबा रहा, जिसे टीएमसी ने खत्म किया।
पिछले चुनावों के नतीजे
रायपुर सीट पर 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और सबसे ज्यादा 8 बार सीपीआईएम ने जीत हासिल की है। एक बार सीपीआई को भी इस सीट पर जीत मिली थी। कांग्रेस इस सीट पर सिर्फ एक बार ही जीती है। वहीं, बीजेपी अब तक यहां जीत नहीं हासिल कर पाई है, लेकिन 2021 में बीजेपी ने ही टीएमसी को कड़ी टक्कर दी थी। ऐसे में टीएमसी के बाद सबसे ज्यादा वोट बैंक बीजेपी का ही है। इसी वजह से माना जा रहा है कि टीएमसी को इस चुनाव में बीजेपी कड़ी चुनौती दे सकती है और जीत भी हासिल कर सकती है। टीएमसी यहां सिर्फ दो बार ही जीत हासिल कर पाई है और ये जीत 2016 और 2021 के चुनाव में मिली थीं।
क्या हैं समीकरण?
इस सीट का इतिहास बताता है कि यहां सीपीआईएम का दबदबा रहा है। हालांकि, अब यह पार्टी अपना जनाधार खो चुकी है। कांग्रेस कभी भी इस सीट पर मजबूत नहीं रही है। टीएमसी ने पिछले दो चुनाव जीते हैं, लेकिन इसी दौरान बीजेपी का वोट बैंक भी बढ़ा है। अगर पिछले दो चुनाव की तरह इस बार भी बीजेपी का वोट बैंक बढ़ा तो जीत तय है। हालांकि, टीएमसी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है और इस बार भी सबसे मजबूत दावेदार टीएमसी को ही माना जा रहा है। 2024 लोकसभा चुनाव में यहां टीएमसी को अच्छी बढ़त मिली थी। इस वजह से वह लोकसभा चुनाव भी जीती थी।
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