रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने सबसे घातक कमांडो दस्ते '82nd एयरबोर्न' को उतारने की तैयारी की है और जानकारी के मुताबिक अमेरिका के इन खतरनाक सैनिकों के लिए ईरान ने उसी नंबर (82) के साथ पलटवार किया है। ईरान ने अपने मिसाइलों पर संदेश लिखा है कि अगर कोई ईरान में घुसेगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा। ईरान के इन संदेशों ने साफ कर दिया है कि तेहरान अब आर-पार की जंग के मूड में है। बता दें कि अमेरिका की 82वीं एयरबोर्न के सैनिकों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों और हवाई अड्डों को सुरक्षित करने के लिए शत्रुतापूर्ण या विवादित क्षेत्र में पैराशूट से उतरने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
ईरान ने जारी किया वीडियो
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 82वीं लहर के दूसरे भाग का वीडियो जारी कर कहा है कि हम जल्द ही इसे सफलतापूर्वक अंजाम देने जा रहे हैं। ईरान ने इस बार मनोवैज्ञानिक युद्ध का भी सहारा लिया है और सोशल मीडिया और ईरानी मीडिया में ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलों पर पोस्टर चिपके हुए हैं और इन पोस्टरों पर सख्त संदेश लिखे हैं, 'अगर ईरानी सरजमीं पर कदम रखा, तो अमेरिकी सैनिक ताबूत में ही वापस लौटेंगे।'
देखें वीडियो
अमेरिका भेज रहा है खतरनाक कमांडो
योजनाओं की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना आने वाले दिनों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1,000 सैनिकों को मध्य पूर्व में तैनात करने की तैयारी कर रही है। इस यूनिट को सेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया बल माना जाता है और इसे आमतौर पर कम समय में तैनात किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बल में प्रथम ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की एक बटालियन के साथ-साथ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमेयर और डिवीजन के कर्मचारी शामिल होंगे।