Haunted Ship Carroll A. Deering Story: समंदर हमेशा से ही इंसानों के लिए एक रहस्य रहा है। यह सिर्फ रहस्य ही नहीं बल्कि अनहोनी और भयानक हादसों का गवाह भी है। लहरों की गहराइयों में ना जाने कितने जहाज डूब गए, ना जाने कितने नाविक लापता हो गए और ना जाने कितनी दास्तानें बनीं जिनका सच आज तक कोई नहीं जान पाया। ऐसी ही एक कहानी है कैरोल ए. डीरिंग (Carroll A. Deering) नाम के विशाल जहाज की है। इस जहाज को दुनिया के सबसे डरावने और रहस्यमयी भूतिया जहाजों में गिना जाता है। इसकी दास्तान वो राज है जिससे आज तक पर्दा नहीं हट पाया है।
जहाज के बारे में जानें
1919 में अमेरिका में बने इस जहाज का उपयोग माल ढुलाई के लिए किया जाता था। जहाज की लंबाई 255 फीट थी और यह देखने में विशालकाय लगता था। इसका नाम इसके मालिक के बेटे "कैरोल ए. डीरिंग" पर रखा गया था। अगस्त 1920 में यह जहाज कैप्टन विलियम मिरिट की कमान में न्यूयॉर्क से रवाना हुआ। इसे कोयले की भारी खेप लेकर दक्षिण अमेरिका जाना था। यात्रा शुरू तो हुई, लेकिन जल्द ही अशुभ घटनाएं घटने लगीं।
अचानक बीमार पड़ गए कैप्टन
कैप्टन मिरिट अचानक गंभीर बीमार पड़ गए और उन्हें किनारे लौटना पड़ा। उनकी जगह कैप्टन विलियम वॉर्मेल ने कमान संभाली। उसी समय से क्रू में बेचैनी और असहमति बढ़ने लगी। नाविकों के बीच झगड़े होते, रात के अंधेरे में जहाज पर अजीब आवाजें सुनाई देतीं। कई बार सिग्नलिंग लाइट अपने आप जल उठती और बुझ जाती। कुछ नाविकों ने दावा किया कि उन्होंने जहाज की ऊपरी छत पर किसी परछाईं को चलते देखा है।

समंदर की धुंध में गुम हो गया जहाज
28 जनवरी 1921 को नॉर्थ कैरोलिना के पास केप लुकआउट लाइटहाउस के कीपर ने कैरोल ए. डीरिंग को गुजरते देखा। उन्होंने नोट किया कि जहाज पर मौजूद लोग बेहद अजीब व्यवहार कर रहे थे। कुछ लोग सिग्नलिंग कर रहे थे, लेकिन उनके इशारे असामान्य और उलझे हुए थे। कीपर ने महसूस किया कि जहाज पर सब कुछ सामान्य नहीं है। इसके बाद जहाज समंदर की धुंध में गुम हो गया और फिर कभी सामान्य रूप में नहीं देखा गया।
खोजी दल को किस हालत में मिला जहाज
31 जनवरी 1921 को यह जहाज नॉर्थ कैरोलिना के तट पर केप हैटरस के पास फंसा हुआ मिला। जब खोजी दल जहाज पर चढ़े तो जो दृश्य उन्होंने देखा, उसने उनकी रूह कंपा दी। जहाज पर एक भी नाविक नहीं था। रसोई में बर्तन अभी भी गर्म थे, जैसे खाना बीच में छोड़कर सब अचानक उठ खड़े हुए हों। कप्तान की कुर्सी खाली थी। नक्शे और कागज इधर-उधर बिखरे पड़े थे। नाविकों के जूते, कपड़े और निजी सामान सब वैसे ही थे। जहाज की लाइफबोट और लॉगबुक गायब थी। स्टीयरिंग व्हील टूटा हुआ था, मानो किसी ने जोर से खींचकर तोड़ दिया हो।
लोगों के बीच फैल गईं कई तरह बातें
समुद्री डाकुओं का हमला: कुछ लोगों ने कहा कि जहाज पर डाकुओं ने हमला किया और सभी नाविकों को मारकर या ले जाकर जहाज छोड़ दिया। लेकिन अगर ऐसा था, तो जहाज का सामान और कोयला क्यों सुरक्षित छोड़ा गया?
क्रू का विद्रोह: कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि कप्तान और क्रू में झगड़ा हुआ और नाविकों ने विद्रोह कर दिया। लेकिन फिर वो सब कहां गए? उनकी लाशें कभी नहीं मिलीं।
अलौकिक ताकतें: स्थानीय नाविकों का मानना था कि केप हैटरस का यह इलाका "ग्रेवयार्ड ऑफ अटलांटिक" कहलाता है। यहां सैकड़ों जहाज रहस्यमय हालात में डूबे और गायब हो चुके थे। उनका कहना था कि समुद्र की आत्माएं या कोई अदृश्य शक्ति जहाज और नाविकों को खींच ले जाती है।

आज तक नहीं सुलझा रहस्य
कुछ लोगों ने दावा किया कि रात के अंधेरे में उन्होंने कैरोल ए. डीरिंग को फिर से समुद्र में तैरते देखा है। जहाज पर सफेद कपड़ों में नाविक खड़े होते हैं और धीरे-धीरे धुंध में गायब हो जाते हैं। रहस्य गहरा होता गया तो अमेरिकी सरकार ने कई एजेंसियों से जांच करवाई। कुछ ने इसे तूफान का नतीजा बताया तो कुछ ने डाकुओं का हाथ माना। कुछ ने विद्रोह की थ्योरी दी। लेकिन, इनमें से किसी भी सिद्धांत को साबित करने के लिए सबूत नहीं मिले। अंत में मामला सरकारी फाइलों में अनसुलझा रहस्य बनकर बंद हो गया।
जिंदा है जहाज की भयानक दास्तान
आज भी नॉर्थ कैरोलिना के तट पर मछुआरे और नाविक कैरोल ए. डीरिंग का नाम लेते हुए सिहर उठते हैं। कई लोग दावा करते हैं कि धुंधली रातों में उन्होंने समंदर पर जहाज की परछाईं देखी है। कुछ मछुआरों का कहना है कि उन्होंने डेक पर अजीब आकृतियां देखी हैं, जो धीरे-धीरे हवा में घुल गईं। रात में जब लहरें तेज होती हैं तो कभी-कभी जहाज की घंटी जैसी आवाज सुनाई देती है, जबकि वहां कुछ भी नहीं होता।लोग मानते हैं कि कैरोल ए. डीरिंग का क्रू आज भी समंदर की गहराइयों में भटक रहा है और उनकी आत्माएं जहाज पर मंडराती हैं।
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