Haunted Ship MV Joyita Story: समुद्री लहरों के बीच बसी अनगिनत कहानियां हमेशा से लोगों को रोमांचित और भयभीत करती आई हैं। इन्हीं रहस्यमयी कहानियों में से एक है भूतिया जहाज एमवी जॉयिता (MV Joyita) की दास्तान। इसे समुद्री दुनिया का सबसे डरावना और अनसुलझा रहस्य माना जाता है। यह जहाज सिर्फ अपने गुमशुदा यात्रियों की वजह से नहीं, बल्कि अपने डरावने माहौल और रहस्यमयी हालातों की वजह से भी मशहूर है।
एमवी जॉयिता के बारे में जानें
एमवी जॉयिता एक छोटा सा वाणिज्यिक जहाज था, जिसे 1931 में बनाया गया था। यह जहाज व्यापारिक सामान, यात्रियों और छोटी दूरी की समुद्री यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता था। कई बार इसे मेडिकल शिप के तौर पर भी उपयोग में लाया गया था। शुरुआत में यह भरोसेमंद माना जाता था, लेकिन 1955 की एक भयावह घटना ने इसे हमेशा के लिए भूतिया जहाजों की श्रेणी में डाल दिया।
रहस्यमयी हालात में मिला जहाज
1955 की जुलाई में, यह जहाज सामोआ (Samoa) से टोकलाऊ (Tokelau Islands) जाने के लिए निकला था। जहाज पर 25 लोग सवार थे जिनमें यात्री, क्रू मेंबर और कैप्टन शामिल थे। सफर लगभग 270 मील का था और सामान्य परिस्थितियों में इसे 2 दिन से ज्यादा नहीं लगने थे। लेकिन यह यात्रा कभी पूरी नहीं हुई। कुछ हफ्तों बाद, समुद्र की लहरों में डगमगाता हुआ जॉयिता मिला लेकिन उसमें कोई भी इंसान मौजूद नहीं था। जहाज खाली था, मानो उस पर सवार सभी लोग अचानक हवा में गायब हो गए हों।

जहाज की हालत देख दंग रह गए लोग
जब जॉयिता को खोजा गया, तो उसकी हालत देख कर खोजी दल दंग रह गए। जहाज आधा डूबा हुआ था, पर फिर भी तैर रहा था। सभी लाइफबोट्स गायब थीं, मानो लोग जल्दी-जल्दी जहाज छोड़कर निकले हों। रेडियो उपकरण और नेविगेशन टूल्स टूटे हुए मिले थे। कई जगह खून के निशान दिखाई दिए थे और जहाज के अंदर सामान ऐसे बिखरा था, जैसे किसी ने अफरातफरी में उसे छोड़ा हो। जहाज पर कैप्टन की डायरी और कागजात तक नहीं मिले थे जबकि समुद्री सफर में ये चीजें कभी नहीं छोड़ी जाती हैं। सबसे डरावनी बात यह थी कि जहाज पूरी तरह खाली था, यहां कोई शव तक नहीं मिला था।
जहाज को लेकर शुरू हुई बातें
जॉयिता जब मिला तो लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक था कि आखिर जहाज पर सवार 25 लोग कहां गए। इसी सवाल से जुड़ी कई भूतिया और रहस्यमयी कहानियां सामने आईं। जिनमें से एक यह है कि प्रशांत महासागर के द्वीपों और समुद्र की गहराइयों में आत्माएं बसती हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि जॉयिता किसी ऐसी जगह से गुजरा होगा, जहां समुद्र की आत्माएं नाराज हो गईं। उन्होंने पूरे जहाज के लोगों को अपने कब्जे में ले लिया और फिर उसे खाली छोड़ दिया।
डरावनी कहानियों का शुरू हुआ सिलसिला
धीरे-धीरे जहाज को लेकर कई डरावनी कहानियां सामने आने लगीं। मछुआरों और नाविकों ने दावा किया कि जॉयिता के मिलने के बाद से अक्सर समुद्र में उनके आसपास अजीब घटनाएं हुईं। कई नाविकों ने बताया कि उन्होंने जहाज से चीखने और रोने की आवाजें सुनीं। कुछ ने कहा कि उन्होंने जहाज पर इंसानों जैसी परछाइयां चलते देखी हैं, जबकि जहाज पूरी तरह खाली था।
कई सवालों के नहीं मिले जवाब
एक और मान्यता यह है कि शायद जहाज पर समुद्री लुटेरों ने हमला किया था। लेकिन, सवाल यह है कि अगर लुटेरों ने हमला किया था, तो जहाज और उसका सामान क्यों छोड़ा गया? और यात्रियों की लाशें कहां गईं? इस सवाल का जवाब आज तक नहीं मिला है। कुछ लोगों ने यह भी अनुमान लगाया कि जहाज पर जहरीली गैस या किसी बीमारी के फैलने से लोग अचानक मारे गए होंगे। लेकिन, अगर ऐसा हुआ, तो शव कहां गए।

बना हुआ रहस्य
आज भी एमवी जॉयिता को भूतिया जहाज कहा जाता है। कई बार समुद्री इतिहास की किताबों में इसे “The Ghost Ship of the Pacific” के नाम से लिखा गया है। आज तक किसी को यह नहीं पता कि जहाज पर सवार लोग कहां गए। कई खोजी अभियानों और वैज्ञानिक जांचों के बावजूद यह रहस्य जस का तस बना हुआ है।
खुद महसूस करें
सोचिए, जब खोजी दल ने पहली बार समंदर के बीच जॉयिता को देखा होगा। यह आधा डूबा हुआ होगा, टूटे-फूटे हिस्सों से पानी रिस रहा होगा और जहाज के हर कोने में सन्नाटा पसरा होगा। यहां शोर सिर्फ समुद्र की लहरों का रहा होगा। लोग अचंभित होकर एक-दूसरे को देख रहे होंगे। हवा की सनसनाहट कानें में गूंज रही होगी और माथे पर पसीना होगा। बिखरे हुए सामान और खून के धब्बे चीख-चीखकर किसी भयानक हादसे की गवाही दे रहे होंगे। धीरे-धीरे सब शांत हो गया होगा और फिर शुरू हुई होगी इसकी डरावनी दास्तान।
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