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भारत और कनाडा फिर से बनेंगे पक्के दोस्त, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पीएम मोदी से मिलने आ रहे नई दिल्ली

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Feb 24, 2026 10:26 am IST,  Updated : Feb 24, 2026 10:44 am IST

ट्रेड वार में अमेरिका का सामना करने के लिए कनाडा को भारत जैसे सहयोगी की जरूरत है। लिहाजा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अब पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती को और मजबूत करना चाहते हैं। वह 26 फरवरी को नई दिल्ली आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी (दाएं)- India TV Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी (दाएं) Image Source : AP

टोरंटो: भारत और कनाडा अब फिर से दोस्ती की नई इबारत लिखने वाले हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद से ही भारत के साथ संबंधों में तेजी से सुधार आया है। अब कनाडाई प्रधानमंत्री भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस दौरान वह पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे और अहम द्विपक्षीय वार्ताएं होंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा के रिश्तों को पहले से अधिक मजूबत करने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। 

पीएम कार्नी के कार्यालय के अनुसार उनकी यह भारत यात्रा कनाडा की अमेरिका से व्यापार विविधीकरण की नवीनतम कोशिश है। अपनी इस यात्रा के क्रम में कार्नी सबसे पहले गुरुवार को मुंबई जाएंगे, जहां वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्यवसायिक नेताओं से बातचीत करेंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे। वह कैनबरा में ठहराव के दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे, जो पिछले 20 वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा ऐसा करने का पहला मौका होगा। साथ ही वे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी मिलेंगे और रक्षा तथा एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रगति पर चर्चा करेंगे। इसके बाद कार्नी टोक्यो जाएंगे, जहां वे जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सनाए से मिलेंगे और स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स तथा खाद्य सुरक्षा पर चर्चा करेंगे।

अमेरिका को टक्कर देने के लिए कनाडा को चाहिए भारत का साथ

अमेरिका को टक्कर देने के लिए कनाडा को भारत जैसे सहयोगियों की जरूरत महसूस हो रही है। कनाडा अब भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करना चाहता है। एक अनिश्चित दुनिया में अब कनाडा उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। कार्नी ने एक बयान में कहा कि हम अपने व्यापार को विविधीकृत कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर नया निवेश आकर्षित कर रहे हैं। कार्नी ने अगले दशक में कनाडा के गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ निवेश को मंद कर रहे हैं। 

अमेरिका ने दी है कनाडा को धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता पर टैरिफ के माध्यम से धमकी दी है। ट्रंप ने सबसे आक्रामक रूप से यह दावा किया है कि कनाडा अमेरिका का "51वां राज्य" हो सकता है। ट्रंप ने हाल ही में कनाडा के प्रस्तावित चीन व्यापार सौदे पर कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी, जिससे लंबे समय से अमेरिकी सहयोगी कनाडा और कार्नी के साथ विवाद तेज हो गया है। पिछले महीने दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर, कार्नी ने बड़ी शक्तियों द्वारा छोटे देशों पर आर्थिक जबरदस्ती की निंदा की थी। प्रधानमंत्री कार्नी को उनके बयानों के लिए व्यापक प्रशंसा और ध्यान मिला, जहां उन्होंने ट्रंप को पीछे छोड़ दिया। 

2 साल तनावपूर्ण संबंधों के बाद भारत-कनाडा अब नई राह पर

कनाडा और भारत ने पिछले साल दो वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद व्यापार सौदे को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। पहले भारत कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। कनाडा और भारत के संबंध तब से तनावपूर्ण हैं, जब कनाडाई पुलिस ने न्यू दिल्ली पर वैंकूवर के पास जून 2023 में एक कनाडाई सिख कार्यकर्ता की हत्या में भूमिका निभाने का आरोप लगाया था। 

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