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भारतीय युवक को चुकानी पड़ी 'मुफ्त खाने' की कीमत, VIDEO वायरल होने पर कंपनी ने नौकरी से निकाला

 Published : Apr 25, 2024 08:57 am IST,  Updated : Apr 25, 2024 08:58 am IST

कनाडा में भारतीय मूल के एक शख्स ने फूड बैंक से खाना लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो पोस्ट करना उसे भारी पड़ गया। भारतीय मूल के शख्स को नौकरी से निकाल दिया गया है।

कनाडा में भारतीय को नौकरी से निकाला गया- India TV Hindi
कनाडा में भारतीय को नौकरी से निकाला गया Image Source : X

Canada Food Bank: कनाडा से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां भारतीय मूल का डेटा वैज्ञानिक कनाडा में फूड बैंकों से मुफ्त खाना ले रहा था। खाना लेना तो ठीक लेकिन कनाडा के फूड बैंकों से "मुफ्त भोजन" कैसे मिलता है इसकी जानकारी देना युवक को महंगा पड़ गया। युवक ने इसी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था जिसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। भारतीय का नाम मेहुल प्रजापति है।  

शेयर किया वीडियो 

भारतीय मूल के शख्स ने वीडियो में बताया कि कैसे वो हर महीने भोजन और किराने के सामान में सैकड़ों रुपये बचाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एनजीओ और तमाम ट्रस्टों की तरफ से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्थापित फूड बैंकों से किराने का सामान ''मुफ्त'' मिलता है।  वीडियो में मेहुल प्रजापति ने अपना भोजन भी दिखाया। जिसमें फल, सब्जियां, ब्रेड, सॉस, पास्ता और डिब्बा बंद सब्जियां शामिल थीं।

डेटा साइंटिस्ट की नौकरी

मेहुल एक बैंक में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी करते थे। इस पद पर प्रति वर्ष औसतन सैलरी $98,000 है। मेहुल ने जिस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है उसमें दिखाया गया है कि उन्हें चैरिटी फूड बैंकों से कितना "मुफ्त भोजन" मिलता है।

लोगों ने दी प्रतिक्रिया 

मेहुल प्रजापति का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वारल हुआ तो लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। कुछ यूजर्स ने मेहुल की आलोचना की और कहा कि फूड बैंक गरीबों और जरूरतमंदों के लिए है। एक यूजर ने लिखा, ''फूड बैंक अक्सर चलते रहते हैं। मैं स्थानीय फूड बैंक में नियमित रूप से मदद करता था। बैंक खुला होने पर लोग आते हैं और अपनी जरूरत का सामान ले जाते हैं। लोग तब तक आकर लाइन में खड़े नहीं होंगे जब तक उन्हें वास्तव में मदद की जरूरत ना हो, लेकिन कुछ लोगों को शर्म नहीं आती।''

मेहुल का समर्थन

हालांकि, नौकरी से निकाले जाने के बाद कुछ लोगों ने मेहुल का समर्थन भी किया है। एक यूजर ने लिखा, ''ओह, यह दुखद है, उसने गलती की लेकिन अब जब वह बेरोजगार है तो वह क्या करेगा?'' 

'खाने-पीने के लिए भी पर्याप्त भोजन है' 

एक अन्य यूजर ने कहा, ''सिर्फ इसलिए कि आप जानते हैं कि उसका काम क्या है/उसका लिंक्डइन क्या कहता है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप उसकी व्यक्तिगत स्थिति जानते हैं। इसके अलावा, खाने-पीने के लिए भी पर्याप्त भोजन है, जरा देखिए कि हर दिन कितना खाना बर्बाद होता है।'

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