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Iran Nuclear Deal: न्यूक्लियर डील को लेकर 'गंभीर' हुआ ईरान, रायसी ने मांगी गारंटी, आखिर क्या है ये समझौता जिसे छोड़कर भागा था अमेरिका?

 Written By: Shilpa
 Published : Sep 22, 2022 09:27 am IST,  Updated : Sep 22, 2022 12:18 pm IST

Iran Nuclear Deal: ईरानी राष्ट्रपति रायसी ने ऐसे वक्त पर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है, जब परमाणु समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच गई है। रायसी ने कहा, 'हमारी एक ही इच्छा है कि प्रतिबद्धाताओं का पालन किया जाए।'

Iran President Ebrahim Raisi-US President Joe Biden- India TV Hindi
Iran President Ebrahim Raisi-US President Joe Biden Image Source : INDIA TV

Highlights

  • ईरान परमाणु समझौते को लेकर हुआ गंभीर
  • अमेरिका से दोबारा न भागने की गारंटी मांगी
  • अमेरिका पर भरोसा करने से किया इनकार

Iran Nuclear Deal: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने बुधवार को कहा कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने वाले समझौते को बहाल करने को लेकर ‘गंभीर’ है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता पर भरोसा किया जा सकता है? अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा प्रशासन की मध्यस्थता से हुए समझौते से 2018 में अमेरिका को अलग कर लिया था। इसके बाद ईरान ने समझौते के तहत परमाणु संवर्धन पर लगाई गई सीमा का पालन करना छोड़ दिया।

ईरानी राष्ट्रपति रायसी ने ऐसे वक्त पर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है, जब परमाणु समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच गई है। रायसी ने कहा, 'हमारी एक ही इच्छा है कि प्रतिबद्धाताओं का पालन किया जाए।' उन्होंने रेखांकित किया कि समझौते से अमेरिका अलग हुआ था न कि ईरान। उन्होंने सवाल किया कि क्या ईरान बिना गारंटी और आश्वासनों के इस बात पर भरोसा कर सकता है कि अमेरिका इस बार अपनी प्रतिबद्धाताओं को पूरा करेगा? यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों ने आगाह किया है कि समझौते को बचाने का वक्त निकला जा रहा है। 

Iran Nuclear Deal
Image Source : INDIA TVIran Nuclear Deal

क्या कहता है परमाणु समझौता?

साल 2015 का यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाता था और इसके बदले में ईरान को उस पर लगाए गए प्रतिबंधों से राहत दी गई थी। रायसी ने यह भी कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियों की एक तरफा जांच की जाती है जबकि अन्य राष्ट्रों के परमाणु कार्यक्रम गोपनीय रहते हैं। वह इजरायल के संदर्भ में यह बात कह रहे थे। उन्होंने महासभा में मौजूद विश्व नेताओं से यह भी कहा कि ईरान सभी पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहता है। उनका इशारा सऊदी अरब और अन्य अरब देशों की ओर था, जिनके साथ ईरान के रिश्ते अच्छे नहीं हैं।

सऊदी अरब और ईरान ने की वार्ता

हालांकि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद सऊदी अरब और ईरान ने कई बार सीधे बातचीत की है लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने हाल में तेहरान स्थित अपना दूतावास फिर से खोल लिया और वहां अपना राजदूत भी भेज दिया है। रायसी ने ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी निंदा की है। उनका कहना है कि ये ईरान के लोगों को दंडित करना है।

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Image Source : INDIA TVIran Nuclear Deal

ईरान की मांग को लेकर विवाद

अमेरिका ने कहा है कि ईरान 2015 के परमाणु समझौते से परे जाकर ‘अस्वीकार्य मांग’ कर रहा है। ईरान ने 2015 में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, रूस और चीन के साथ परमाणु समझौता किया था। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, 'ईरान समझौते का दिल एक कोरी कल्पना है, जो कहता है कि ये हत्यारा शासन केवल शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम चाहता है। निश्चित प्रमाण हैं कि ईरान का ये वादा झूठा है।'  

इसके बाद से ईरान ने एक बार फिर अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार करना शुरू कर दिया था। इससे पहले इस मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका बेपटरी हुए परमाणु समझौते के लिए ईरान की ‘हमेशा प्रतीक्षा नहीं करेगा।’

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