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अपने देश न्यूजीलैंड के ठुकराने पर गर्भवती पत्रकार ने तालिबान से मांगी मदद

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Jan 29, 2022 08:28 pm IST,  Updated : Jan 29, 2022 08:28 pm IST

शार्लट बेलिस पिछले साल अल जजीरा के लिए काम करते हुए अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी से जुड़ी खबरों को दे रही थीं। इस दौरान उन्होंने तालिबान नेताओं से महिलाओं और लड़कियों से उनके सलूक के बारे में सवाल करके अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया था।

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अपने देश न्यूजीलैंड के ठुकराने पर गर्भवती पत्रकार ने तालिबान से मांगी मदद Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE

Highlights

  • अल जजीरा के लिए काम करते हुए अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी से जुड़ी खबरें दे रही थी बेलिस
  • बेलिस ने तालिबान के वरिष्ठ लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि अगर वह अफगानिस्तान लौटती हैं, तो वह ठीक रहेंगी

वेलिंगटन: न्यूजीलैंड की एक गर्भवती पत्रकार ने कहा कि उसके देश ने उसे वापस आने से रोक दिया, तो उसने तालिबान से मदद मांगी और अब अफगानिस्तान में फंस गई है। शार्लट बेलिस नाम की इस महिला पत्रकार ने कहा कि न्यूजीलैंड ने अपने कोरोना वायरस पृथकवास तंत्र की क्षमता और बाधा को देखते हुए उसे देश में वापस आने से मना कर दिया था। ‘द न्यूजीलैंड हेराल्ड’ में शनिवार को प्रकाशित एक लेख में बेलिस ने कहा कि यह क्रूर विडंबना है कि महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर उन्होंने पहले तालिबान से सवाल पूछा था, लेकिन अब वह यही सवाल अपनी खुद की सरकार से पूछ रही हैं।

बेलिस ने लिखा, ‘‘जब तालिबान आपको, एक गर्भवती और अविवाहित महिला, को पनाह दे, तो आप जानते हैं कि आप की स्थिति भ्रामक हो जाएगी।’’ न्यूजीलैंड के कोविड-19 पर प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार मंत्री क्रिस हिपकिंस ने हेराल्ड से कहा कि उनके कार्यालय ने अधिकारियों को यह पता करने को कहा है कि क्या उन्होंने बेलिस के मामले में उचित प्रक्रिया का पालन किया।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम रखने में कामयाब रहा है और 50 लाख की आबादी के बावजूद देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या महज 52 है। न्यूजीलैंड में विदेश यात्रा से लौटने वाले नागरिकों को 10 दिन तक सेना द्वारा संचालित होटल में पृथकवास में रहना पड़ता है। इसके चलते विदेश से न्यूजीलैंड लौटने की प्रतीक्षा करने वाले नागरिकों की संख्या बढ़कर हजारों में पहुंच गई है। विदेश में विकट परिस्थितियों में फंसे नागरिकों की कहानियां प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न और उनकी सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गई हैं, लेकिन बेलिस की स्थिति विशेष रूप से सबसे अलग है।

बेलिस पिछले साल अल जजीरा के लिए काम करते हुए अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी से जुड़ी खबरों को दे रही थीं। इस दौरान उन्होंने तालिबान नेताओं से महिलाओं और लड़कियों से उनके सलूक के बारे में सवाल करके अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया था। शनिवार को अपने कॉलम में बेलिस ने कहा कि वह सितंबर में कतर लौटीं तो उन्हें पता चला कि वह अपने साथी और फ्रीलांस फोटोग्राफर जिम ह्यूलेब्रोक के साथ रहते हुए गर्भवती हुईं। जिम ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के लिए काम कर रहे थे। बेलिस ने अपनी गर्भावस्था को एक ‘चमत्कार’ के रूप में वर्णित किया, क्योंकि इसके पहले चिकित्सकों ने उनसे कहा था कि उन्हें बच्चा नहीं हो सकता।

फिलहाल वह मई में एक बच्ची को जन्म देने वाली हैं। कतर में विवाहेतर यौन संबंध अवैध हैं, इससे बेलिस को लगा कि उन्हें कतर छोड़ने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने नागरिकों की वापसी से जुड़ी लॉटरी-शैली प्रणाली के जरिये बार-बार न्यूजीलैंड वापस जाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बेलिस ने नवंबर में अल जजीरा से इस्तीफा दे दिया और युगल ह्यूलेब्रोक के मूल देश बेल्जियम चली गईं, लेकिन वह वहां अधिक समय तक नहीं रह सकीं, क्योंकि वह वहां की निवासी नहीं थी। इस जोड़े के पास रहने के लिए सिर्फ अफगानिस्तान का वीजा था। इसके बाद बेलिस ने तालिबान के वरिष्ठ लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि अगर वह अफगानिस्तान लौटती हैं, तो वह ठीक रहेंगी।

बेलिस ने कहा, ‘‘तालिबान के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि आप लोगों से खुद को शादीशुदा बताएं और इसके बाद भी अगर मामला बढ़ता है, तो हमें कॉल करें।’’ बेलिस कहती हैं कि अफगानिस्तान में उन्होंने न्यूजीलैंड के अधिकारियों को 59 दस्तावेज भेजे, लेकिन उनके आवेदन को खारिज करते हुए आपात वापसी से इनकार कर दिया गया। बेलिस ने कहा कि गर्भावस्था अफगानिस्तान में मौत की सजा साबित हो सकती थी, क्योंकि वहां उचित स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। बेलिस ने कहा कि न्यूजीलैंड के वकीलों, नेताओं और जनसंपर्क से जुड़े लोगों से बात करने के बाद उनका मामला एक बार फिर से आगे बढ़ता दिख रहा है, लेकिन अब भी उन्हें अपने मुल्क वापस लौटने के लिए अनुमति मिलने का इंतजार है।

(इनपुट- एजेंसी)

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