
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टास्क फोर्स में दोनों पक्षों के सैन्य व राजनयिक अधिकारी होंगे। मामले की जांच के लिए इसका गठन 11 जुलाई को किया गया था। जांच के आधार पर मंत्रालय इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय करेगा। मंत्रालय की यह घोषणा पेंटागन द्वारा उस रिपोर्ट को जारी करने के बाद की गई है, जिसमें उसने कहा है कि उटा की सैन्य प्रयोगशाला ने जानलेवा एंथ्रेक्स के नमूनों को बीते 10 सालों के दौरान अमेरिका में 86 जगहों तथा ओसान एयर बेस सहित सात अन्य देशों को भेजा।