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अभिनंदन को जल्द छोड़कर इमरान खान ने मोल लिया बड़ा खतरा, शांति के नोबेल की बात है राष्ट्रीय मजाक: बिलावल भुट्टो

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 07, 2019 02:07 pm IST,  Updated : Mar 07, 2019 04:41 pm IST

हालांकि बिलावल भुट्टो को अपनी सरकार पर निशाना साधने के लिए अपने मोबाइल फोन का सहारा लेना पड़ा, पाकिस्तान की संसद ने बिलावल ने यह पूरा भाषण अपने मोबाइल फोन से ही पढ़ा।

Bilawal Bhutto Questions his government on early release of Indian Pilot Abhinandan- India TV Hindi
Bilawal Bhutto Questions his government on early release of Indian Pilot Abhinandan

नई दिल्ली। पाकिस्तान की संसद में वहां की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने अपने प्रधानमंत्री इमरान खान को घेरा और कई सवाल उठाए। बिलावल ने भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई को लेकर सवाल उठाया और साथ में कहा कि इमरान खान के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार की बात एक राष्ट्रीय मजाक है।

बुधवार को पाकिस्तान की संसद में दिए अपने भाषण में बिलावल ने कहा कि उनकी राय में इमरान खान द्वारा भारतीय पायलट अभिनंदन को जल्दी छोड़े जाने से इमरान खान ने बहुत बड़ा खतरा मोल लिया है। बिलावल ने कहा कि अब इमरान खान के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार की बात हो रही है और संसद में यह प्रस्ताव पास होता है तो यह एक राष्ट्रीय मजाक होगा।

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) में भारतीय विदेश मंत्री को विशिष्ट मेहमान बनाए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा OIC की बैठक के बहिष्कार को लेकर भी बिलावल ने अपनी सरकार को घेरा और कहा कि पाकिस्तान ने वहां नहीं जाकर अपनी बात रखने का मौका गंवा दिया।

बिलावल ने पाकिस्तान सरकार द्वारा आतंकी संगठनों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि कैसे मुमकिन हो जाता है कि निर्वाचित प्रधानमंत्रियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाता है, लेकिन आरोपी संगठनों पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है। इस तरह की कार्रवाई सिर्फ विपक्ष के खिलाफ ही होती है, लेकिन प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है। बिलावल ने कहा कि उनके नाश्ते के लिए संयुक्त जांच टीम गठित कर दी जाती है, लेकिन प्रतिबंधित संगठनों के लिए जांच टीम नहीं बनाई जाती है।

हालांकि बिलावल भुट्टो को अपनी सरकार पर निशाना साधने के लिए अपने मोबाइल फोन का सहारा लेना पड़ा, पाकिस्तान की संसद ने बिलावल ने यह पूरा भाषण अपने मोबाइल फोन से ही पढ़ा।

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