नई दिल्ली: अभी तक आपने 3-D इमेज और फिल्म के बारे में ही सुना होगा, लेकिन अगर कोई आपसे कहे कि 3-D तकनीक के जरिए किसी के शरीर में आर्टीफीशियल हिस्सा भी जोड़ा जा सकता है तो आपको हैरानी होगी। चीन में पहली बार एक ऐसा कारनामा हुआ है। जिसमें एक तीन साल की बच्ची के सिर को थ्री डी प्रिंटिंग से जोड़ा गया है। तीन साल की हान हान की जान बचाकर मेडिकल सांइस ने एक इतिहास रचा है। हान हान का सिर एक बिमारी के वजह से सामान्य आकार से चार गुना बड़ा था। 17 घंटे तक चली सर्जरी बुधवार को 17 घंटे तक चली इस सर्जरी में हान के सिर के बाहरी हिस्से को मस्तिष्क से अलग किया गया। और फिर थ्री डी तकनीक से तैयार टाइटेनियम धातु की खोपड़ी में बच्ची के मस्तिष्क को जोड़ा गया। हाइड्रोसेफल्स नामक बिमारी से ग्रस्त थी बच्ची हान हाइड्रोसेफल्स नामक बिमारी से ग्रस्त थी। इस बिमारी में दिमाग में द्रव भरने लगता है जिससे सिर का आकार शरीर से बड़ा हो जाता है। महज तीन साल की उम्र तक हान के सिर में 85 फिसदी द्रव भर गया था। सिर का वज़न अधिक होने के कारण हान बैठ नहीं पाती थी। वह पिछले एक साल से बिस्तर पर ही पड़ी थी। दवाओं का प्रतिदिन का खर्चा 1021 रूपये क्योंकि ऐसी सर्जरी चीन में पहली बार हुई है तो इसका खर्चा भी अधिक था। इस सर्जरी को करने में हान के माता-पिता को 40-50 लाख का खर्चा करना पड़ा था। पैसे ना होने के कारण हान के पिता को परिवार और दोस्तों से पैसे लेने पड़े थे। बच्ची की प्रतिदिन की दवाओं का खर्चा 1021 रूपये है। अगली स्लाइड में देखें और तस्वीरें अगली स्लाइड में देखें और तस्वीरें