लाहौर: पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले फेसबुक ने इस्लामी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) के कई अकाउंटों और पेजों को बंद कर दिया है। इसे मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की अगुवाई वाली जमात - उद - दावा के राजनीतिक संगठन के लिए एक झटका माना जा रहा है। यह जानकारी रविवार को एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आयी है। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है कि उनकी सोशल नेटवर्किंग साइट पाकिस्तान , भारत , ब्राजील , मैक्सिको और अन्य देशों में होने वाले चुनावों में सकारात्मक बातचीत का समर्थन करेगी और हस्तक्षेप को रोकेगी।
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एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने खबर दी है कि हाल ही में फेसबुक के अधिकारियों ने पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) से संपर्क किया था और 25 जुलाई को आम चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के फर्जी पेजों की पहचान करने और हटाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद करने का प्रस्ताव दिया था। ईसीपी ने एमएमएल को एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता नहीं दी है। इस साल अप्रैल में अमेरिका ने 2008 में मुंबई हमले को अंजाम देने वाले लश्कर - ए - तैयबा (एलईटी) आतंकी संगठन के साथ संबंधों को लेकर एमएमएल को विदेशी आतंकी संगठनों की सूची में डाल दिया था।
एमएमएल को ईसीपी से मान्यता नहीं मिलने के बाद जेडीयू प्रमुख सईद ने घोषणा की थी कि उसकी पार्टी के करीब 200 प्रत्याशी कम चर्चित अल्ला - ओ - अकबर तहरीक (एएटी) के बैनर तले चुनाव लड़ेगी। इस पार्टी का पहले ही चुनाव आयोग में पंजीकरण हो रखा है। एमएमएल के प्रवक्ता तबिश क्यूम ने संवाददाताओं को बताया कि फेसबुक ने बिना कारण बताए उसके चुनाव प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं के कई अकाउंट बंद कर दिए हैं।