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PM मोदी का वैश्विक निवेशकों को न्योता, कहा- भारत की तेल-गैस क्षेत्र में 100 अरब डालर निवेश की योजना

 Written By: Bhasha
 Published : Oct 29, 2019 10:51 pm IST,  Updated : Oct 30, 2019 12:01 am IST

सऊदी अरब के रियाद में चल रहे वैश्विक वित्तीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निवेशकों को भारत में निवेश करने का न्योता दिया।

Narendra Modi invites Saudi arab companies to invest in energy sector in India- India TV Hindi
Narendra Modi invites Saudi arab companies to invest in energy sector in India Image Source : AP/PTI

रियाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब सहित दुनिया के निवेशकों को भारत में निवेश का न्योता देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत अर्थव्यवस्था की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिये तेल एवं गैस क्षेत्र की ढांचागत सुविधाओं में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। उन्होंने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था के आकार को दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की योजना को लेकर आगे बढ़ रहा है। सऊदी अरब के सालाना निवेश मंच से मोदी ने निवेशकों के समक्ष स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी नीति व्यवस्था का वादा किया। 

स्विट्जरलैंड के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की तर्ज पर सऊदी अरब में ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ बैनर तले होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन को ‘मरुभूमि में दावोस’ कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,‘‘भारत तेल एवं गैस ढांचागत क्षेत्र में भारी निवेश कर रहा है। रिफानरी, पाइपलाइन, गैस टर्मिनल समेत ऊर्जा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 2024 तक 100 अरब डॉलर का निवेश किया जायेगा। भारत को अपनी तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।’’ 

ऊर्जा खपत के मामले में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था अपनी तेल जरूरतों को पूरा करने के लिये 83 प्रतिशत आयात पर निर्भर है। देश में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने के लिये भौतिक बुनियादी ढांचा के साथ-साथ शहरी गैस वितरण में अब भारी निवेश कर रहा है। सऊदी अरब कच्चे तेल के मामले में भारत का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारत खरीदार-आपूर्तिकर्ता संबंधों को और आगे भागीदारी को रणनीतिक स्तर पर जाने को लेकर इच्छुक है। मोदी ने अपने संबोधन में गैर-तेल कंपनियों के लिये खुदरा ईंधन क्षेत्र खोले जाने के सरकार के फैसले को भी रेखांकित किया। 

उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी अरामको ने महाराष्ट्र के पश्चिमी तट में प्रस्तावित 6 करोड़ टन सालाना क्षमता की रिफाइनरी में निवेश का निर्णय किया है। यह एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी होगी। मोदी ने कहा, ‘‘मैं आपको सुनिश्चित करना चाहता हूं कि भारत की वृद्धि दर आने वाले समय में बढ़ेगी। हम अर्थव्यवसथा की वृद्धि के लिये कदम उठा रहे हैं। हम कारोबार सुगमता के मामले में रैंकिंग सुधार रहे हैं। इसका कारण राजनीतिक स्थिरता, भरोसेमंद नीति और बड़ा विविध बाजार है। भारत में आपका निवेश सर्वाधिक फायदेमंद होगा।’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विकासशील देशों में भौतिक बुनियादी ढांचे की जरूरत है। एशिया में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 700 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है, भारत में यह क्षेत्र 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर से बढ़ेगा। हमने अगले कुछ साल में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 1500 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है।’’ इसमें तेल एवं गैस के साथ सड़क, हवाईअड्डा और बंदरगाह जैसा बुनियादी ढांचा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अगले पांच साल में अर्थव्यवस्था का आकार करीब दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिये रूपरेखा तैयार है। 

पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक कंपनियों को पांच बड़ी चीजें प्रभावित कर रही हैं। ये नवप्रवर्तन, बुनियादी ढांचा, मानव संसाधन, पर्यावरण के लिये पहल, तथा कारोबार अनुकूल राजकाज हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में प्रशिक्षित श्रमबल की जरूरत को पूरा करने के लिये 40 करोड़ लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का विस्तार मानव संसाधन क्षेत्र में भी किया जाना चाहिये, इन्हें केवल माल-व्यापार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिये। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ भारत रिफाइनरी, पाइपलाइन, गैस टर्मिनल समेत ऊर्जा क्षेत्र का बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 2024 तक 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। भारत को अपनी तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।’’ सब्सिडी का लाभ सीधे लाभार्थियों के खाते में डालने की योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये 20 अरब डॉलर की बचत की गई है।

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