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TLP के आगे इमरान खान ने टेके घुटने, आतंकवादियों की लिस्ट से हटाना पड़ा चीफ का नाम

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब सूबे की सरकार ने तहरीक-ए-लबैक के मुखिया हाफिज साद हुसैन रिजवी का नाम आतंकवादियों की लिस्ट से हटा लिया है। पाकिस्तान की सरकार पहले ही 7 नवंबर के दिन TLP को संदिग्ध संगठनों की लिस्ट से हटा चुकी है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: November 11, 2021 18:51 IST
TLP के आगे इमरान खान ने टेके घुटने, आतंकवादियों की लिस्ट से हटाना पड़ा चीफ का नाम- India TV Hindi
Image Source : AP FILE PHOTO TLP के आगे इमरान खान ने टेके घुटने, आतंकवादियों की लिस्ट से हटाना पड़ा चीफ का नाम

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सरकार को आखिरकार आतंकी संगठन तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान (TLP) के आगे घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब सूबे की सरकार ने तहरीक-ए-लबैक के मुखिया हाफिज साद हुसैन रिजवी का नाम आतंकवादियों की लिस्ट से हटा लिया है। पाकिस्तान की सरकार पहले ही 7 नवंबर के दिन TLP को संदिग्ध संगठनों की लिस्ट से हटा चुकी है। 

सरकार के विरोध प्रदर्शन के लिए पाकिस्तान ने TLP के मुखिया हाफिज साद हुसैन रिजवी को इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किया था। TLP की पाकिस्तान की सरकार से मांग थी कि पाकिस्तान अपना रिश्ता फ्रांस के साथ तोड़े और पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को निकाले। अपनी इस मांग को लेकर TLP ने पाकिस्तान में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किए थे और कुछ प्रदर्शनों में इस संगठन में पाकिस्तानी सेना के लोगों तक को मार दिया था। 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा- तालिबान विश्व के साथ संवाद में दिलचस्पी रखता है

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तालिबान विश्व के साथ संवाद करने में रुचि रखता है, ताकि अफगानिस्तान में उसकी सरकार को मान्यता मिले। साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी दी कि वे पिछली गलतियों को न दोहराएं, जब अफगानिस्तान को अलग-थलग किये जाने से कई समस्याएं खड़ी हो गई थी। अफगानिस्तान पर ‘ट्रोइका प्लस’ बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण आसन्न मानवीय आपदा से बचने के लिए अफगानिस्तान की तुरंत मदद करने का आग्रह किया।

बैठक में चीन, रूस और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पाकिस्तान पड़ोसी देश अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका, चीन और रूस के वरिष्ठ राजनयिकों की मेजबानी कर रहा है। कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाते हुए कहा, ‘‘अफगानिस्तान बर्बाद होने के कगार पर है, वह वेतन भी नहीं दे सकता है।’’ उन्होंने कहा कि आम आदमी अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जिससे सरकार बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आपातकालीन आधार पर सहायता प्रदान करनी चाहिए।’’ कुरैशी ने कहा कि तालिबान दुनिया के साथ संवाद में रुचि रखता है ताकि उसकी सरकार को मान्यता मिले।

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