इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने आज कहा कि उसने तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान जर्ब-ए-अज्ब पर दो अरब डालर खर्च किया है। अफगानिस्तान की सीमा से सटे अशांत उत्तरी वजीरिस्तान कबायली क्षेत्र में इस अभियान में 3500 से आतंकवादी मारे गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा, अबतक, अभियान जर्ब-ए-अज्ब और अस्थायी रूप से विस्थापित लोगों की वापसी पर 1.9 अरब डालर के बराबर धनराशि खर्च की जा चुकी है।
उन्होंने कहा, आपको यह जानकर खुशी होगी कि यह रकम पाकिस्तान ने अपने संसाधनों से खर्च की। उत्तरी वजीरिस्तान में जून, 2014 में आक्रामक कार्रवाई शुरू होने के बाद 10 लाख से अधिक लोग अपना घर-बार छोड़कर चले गए थे। उनमें से ज्यादातर अब भी सरकार के अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। खलीलुल्लाह ने कहा कि इस अभियान को खूब सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के सभी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी क्योंकि अच्छे और बुरे आतंकवादी में कोई अंतर नहीं होता। यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब हाल ही खबर आयी थी कि अमेरिका 2015 के बाद आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को खर्च देना बंद कर देगा। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका द्वारा भुगतान इस अभियान के पहले पाकिस्तान को जो खर्च आया उसके लिए कोलिएशन सपोेर्ट फंड के तहत है।