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Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी के दिन शिव और सिद्ध योग का शुभ संयोग, 3 उपाय करने से प्रसन्न होंगे हरिहर

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 20, 2026 03:52 pm IST,  Updated : Jun 20, 2026 03:52 pm IST

Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026 को रखा जाएगा। इस दिन शिव और सिद्ध नामक दो बेहद शुभ योग भी रहेंगे। इसलिए निर्जला एकादशी के दिन कुछ उपाय करने से आपको भगवान शिव और महादेव दोनों का आशीर्वाद मिल सकता है।

Nirjala Ekadashi- India TV Hindi
निर्जला एकादशी Image Source : INDIA TV

Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी एकादशी तिथियों के व्रत का फल प्राप्त होता है। साल 2026 में निर्जला एकादशी के दिन शिव और सिद्ध नामक दो बेहद शुभ योग भी रहेंगे। इसलिए निर्जला एकादशी के दिन कुछ उपाय करने से भक्तों को हरि यानि भगवान विष्णु और हर यानि महादेव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में आपको जानकारी देंगे।

हरिहर का अभिषेक

निर्जला एकादशी के दिन शिव योग सुबह लगभग 11 बजे तक रहेगा। इसलिए 11 बजे तक आपको हरिहर दोनों का संयुक्त रूप से अभिषेक करना चाहिए। सबसे पहले आपको भगवान विष्णु और महादेव की तस्वीरों को एक साथ रखना चाहिए और इसके बाद घी का दीपक उनके समक्ष जलाना चाहिए। इसके बाद हरिहर दोनों का जल या फिर दूध से जलाभिषेक करना चाहिए। साथ ही फल-फूल अर्पित करना चाहिए। निर्जला एकादशी के दिन शिव योग के दौरान ये उपाय करने से जीवन में आपको हरिहर दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

गाय की सेवा 

विष्णु भगवान और शिव जी दोनों को ही प्रसन्न करने के लिए आपको निर्जला एकादशी के दिन गाय की सेवा करनी चाहिए। गाय को हरा चारा, जल आदि आपको पिलाना चाहिए। इसके साथ ही गाय के पैरों को छूकर आपको आशीर्वाद भी लेना चाहिए। यह आसान सा उपाय करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और हरिहर के आशीर्वाद से आपके जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। 

स्तोत्र का पाठ 

निर्जला एकादशी की शाम में आपको विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से दोनों देवता प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में सुख-शांति आती है। विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ करने से आपको मानसिक शांति भी प्राप्त होती है और जीवन के कठिन दौर का भी अंत होता है। 

इन तीनों उपायों में से किसी एक उपाय को भी अगर आप करते हैं तो आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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