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चीन से झगड़ा नहीं चाहते, पर अपने इलाके की रक्षा करने से पीछे नहीं हटेंगे, फिलीपींस की दो टूक

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Sep 29, 2023 07:48 pm IST,  Updated : Sep 29, 2023 07:49 pm IST

दक्षिण चीन सागर में विवादित स्थल पर चीन द्वारा लगाए गए अवरोधकों को फि​लीपींस के तटरक्षकों ने हटा दिया है। साथ ही फि​लीपींस के राष्ट्रपति ने चीन को लेकर बड़ा बयान भी दिया है। जानिए अपने बयान में उन्होंने क्या कहा?

दक्षिण चीन सागर, जिसे लेकर विवाद है।- India TV Hindi
दक्षिण चीन सागर, जिसे लेकर विवाद है। Image Source : FILE

China-Philippines: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है। दक्षिण चीन सागर के इलाके में अपने दबदबे को बनाए रखने के लिए वह छोटे देशों पर अपना रौब झाड़ता है। चीन की ऐसी ही हरकतों से साउथ चाइना सी के इलाके के कई देश परेशान हैं। इन्हीं देशों में से एक फिलीपींस भी चीन के दबदबे से काफी परेशान है। चीन नेविवादित जलक्षेत्र में अवरोधक लगा दिए, जिसे फि​लीपींस ने ने हटा दिए हैं। इसी बीच फिलीपींस के राष्ट्रपति ने चीन को लेकर बड़ा बयान दिया है।

दक्षिण चीन सागर में विवादित स्थल पर चीन द्वारा लगाए गए अवरोधकों को फि​लीपींस के तटरक्षकों द्वारा हटाए जाने के बाद देश के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका देश, चीन से झगड़ा नहीं चाहता, लेकिन वह मजबूती से अपने जलक्षेत्र की रक्षा करेंगे। यह पहली बार है जब फि​लीपींस के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से चीन के खिलाफ आवाज उठाई है। चीन ने ‘स्कारबोरो शोल’ (रेतीले और चट्टानों से घिरे समुद्री क्षेत्र, जहां प्रचुर मात्रा में मछलियां पाई जाती हैं) के शुरुआती भाग में 300 मीटर (980 फुट) लंबा अवरोधक लगाया था, जिसे मार्कोस के आदेश के बाद हटा दिया गया। 

हमारे जलक्षेत्र की रक्षा करना जारी रखेंगे: फि​लीपींस के राष्ट्रपति

दक्षिणी सुरीगाओ डेन नोर्ते प्रांत में संवाददाता द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मार्कोस ने कहा, ‘हम झगड़ा नहीं चाहते लेकिन हम फिलीपीन के जलक्षेत्र और हमारे मछुआरों के अधिकारों की रक्षा करना जारी रखेंगे।’ उन्होंने कहा कि ये मछुआरे सौ से ज्यादा वर्षों से इन इलाकों में मछली पकड़ रहे हैं। इस साल की शुरुआत में मार्कोस ने 2014 रक्षा समझौते के अंतर्गत फि​लीपींस में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को बढ़ाने की मंजूरी देने का फैसला किया था, जिसके बाद दक्षिण चीन सागर में चीन और फि​लीपींस के बीच यह हालिया विवाद पैदा हुआ है। 

फि​लीपींस के सैन्य शिविरों में अमेरिकी सुरक्षा बल, भड़का चीन

ताइवान और चीन के साथ समुद्री सीमा साझा करने वाले फि​लीपींस में स्थानीय सैन्य शिविरों में अधिक संख्या में अमेरिकी बलों की मौजूदगी से बीजिंग भड़क गया है। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है। मार्कोस ने कहा कि ‘स्कारबोरो शोल’ के मुहाने से फि​लीपींस तटरक्षकों द्वारा रस्सी और जाल अवरोधकों को हटाए जाने के बाद देश की मछली पकड़ने वाली नाव समुद्री क्षेत्र में घुसीं और एक दिन में करीब 164 टन मछलियां पकड़ीं। उन्होंने कहा, 'हमारे मछुआरे इसे खो रहे थे, इसलिए वहां किसी प्रकार का अवरोधक नहीं होना चाहिए और यह स्पष्ट है कि ये इलाका फि​लीपींस के भीतर आता है।'

विवादित इलाके में 100 से ज्यादा वर्षों से मछली पकड़ रहे हैं हमारे मछुआरे: फिलीपींस

उन्होंने कहा कि उनके देश के मुछआरे इन इलाकों में सौ से ज्यादा वर्षों से मछली पकड़ रहे हैं इसलिए मैं नहीं समझ सका कि क्या बदला गया। फि​लीपींस तटरक्षक के प्रवक्ता कमोडोर जे ताररियला ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि बृहस्पतिवार को निगरानी के लिए तैनात किए गए एक फि​लीपींस के विमान ने शोल के प्रवेश पर चीन के दो तट रक्षक जहाजों को देखा, जिनकी वजह से फि​लीपींस के मछुआरे मछली पकड़ने के लिए समुद्री क्षेत्र में नहीं जा पा रहे थे।

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