Friday, February 06, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. जापान के होक्काइडो में भूकंप, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

जापान के होक्काइडो में भूकंप, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता

होक्काइडो में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मैग्नीट्यूड आंकी गई। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। हालांकि, इससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

Edited By: Shakti Singh
Published : Oct 24, 2025 11:49 pm IST, Updated : Oct 25, 2025 03:16 pm IST
Representative Image- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV प्रतीकात्मक तस्वीर

जापान के होक्काइडो में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के अनुसार शनिवार को जापान के सबसे उत्तरी द्वीप होक्काइडो में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। जीएफजेड ने बताया कि भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस भूकंप के चलते किसी प्रकार के नुकसान, चोट या सुनामी की चेतावनी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

होक्काइदो जापान का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है और जापान के प्रान्तों में से सबसे बड़ा तथा सबसे उत्तरी प्रांत है। यह होन्शू द्वीप से उत्तर में है और इन दोनों के बीच त्सुगारू जलडमरू का समुद्री क्षेत्र आता है। जापान भूकंप के लिए संवेदनशील क्षेत्र है। इस वजह से जापान ने भूकंप से निपटने के लिए उन्नत तकनीक और सख्त बिल्डिंग कोड विकसित किए हैं, जैसे भूकंप-रोधी इमारतें और अलर्ट सिस्टम, जो नुकसान को कम करते हैं।

जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप

जापान टेक्टोनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है, जिसे रिंग ऑफ फायर के नाम से जाना जाता है। इसी वजह से यहां बार-बार भूकंप आते हैं। जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट्स (पैसिफिक प्लेट, फिलीपींस सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट, और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट) के मिलन बिंदु पर है। इन प्लेट्स के आपस में टकराने, खिसकने या एक-दूसरे के नीचे सरकने (सबडक्शन) से पृथ्वी की सतह में कंपन होता है, जिससे भूकंप आते हैं। जापान प्रशांत महासागर के आसपास के इस क्षेत्र में है, जो दुनिया का सबसे भूकंप-प्रवण और ज्वालामुखी सक्रिय क्षेत्र है। यहां लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है। इसके अलावा पैसिफिक और फिलीपींस सी प्लेट्स यूरेशियन प्लेट के नीचे सरकती हैं, जिससे भारी दबाव और ऊर्जा का निर्माण होता है। यह ऊर्जा जब रिलीज होती है, तो भूकंप का कारण बनती है।

जापान की भौगोलिक स्थिति का असर

जापान एक द्वीपसमूह है, जो समुद्र के पास और टेक्टोनिक रूप से अस्थिर क्षेत्र में है। यहां छोटे-बड़े भूकंप रोजाना दर्ज किए जाते हैं। जापान में भूकंप का लंबा इतिहास रहा है, जैसे 2011 का तोहोकु भूकंप। यहां की मिट्टी और भूगर्भीय संरचना भी भूकंप के प्रभाव को बढ़ा सकती है। इससे निपटने के लिए खास तकनीक से इमारतें बनाई जाती हैं।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement