Israel Targets Iran Top Official Ali Larijani: ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और धार्मिक शासन व्यवस्था में एक प्रमुख नेता माने जाने वाले अली लारीजानी की इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरानी अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। लारीजानी की उम्र 67 वर्ष थी। माना जा रहा था कि पिछले महीने के अंत में अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी ही देश की व्यवस्था संभाल रहे थे और सभी अहम फैसले भी ले रहे थे।
इजरायल ने क्या कहा था?
इजरायल ने पहले ही दावा किया था कि उसने तेहरान के पास रात भर चले हवाई हमले में लारीजानी को मार गिराया है। ईरान ने शुरुआत में इसकी पुष्टि नहीं की थी, लेकिन बाद में ईरानी राज्य मीडिया और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में लारीजानी के बेटे और उनके कुछ सुरक्षा कर्मी भी मारे गए हैं। लारीजानी की मौत ईरान के लिए बड़ा झटका है।
बासिज बल के प्रमुख की हुई मौत
इस बीच ईरान की न्यायपालिका से जुड़ी समाचार एजेंसी मिजान ने पुष्टि की है कि बासिज बल के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी की मौत हो गई है। इससे पहले इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया था कि सोमवार रात के हमलों में सुलेमानी के साथ-साथ ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी को भी मार गिराया गया है। हालांकि, तब ईरान की ओर से अली लारीजानी की मौत को लेकर ना तो पुष्टि की गई थी और ना ही खंडन किया गया था। लारीजानी को ईरान के सबसे प्रभावशाली और ताकतवर नेताओं में गिना जाता था।
13 मार्च को आखिरी बार दिखे थे लारीजानी
अली लारीजानी को आखिरी बार 13 मार्च को तेहरान में कुद्स रैली के दौरान देखा गया। वो इस रैली में वो ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ देखे गए थे। लारीजानी अयातुल्ला खामेनेई के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते थे। लारीजानी का जन्म इराक के नजफ में हुआ था लेकिन बाद में उनका परिवार ईरान आ गया और फिर यहीं बस गया था।
लरीजानी का सियासी करियर
- 1994 से 2004 तक लरीजानी ईरान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर IRIB के हेड रहे और संस्कृति मंत्री के रूप में काम किया।
- 2005 में लरीजानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिस के सचिव बने और 2007 तक ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार रहे।
- 2008 से 2020 तक लरीजानी ईरान की संसद मजलिस के स्पीकर रहे।
- 2021 में उन्हें चीन के साथ 25 साल के रणनीतिक समझौते पर बातचीत करने के लिए स्पेशल दूत नियुक्त किया गया था।
- 2021 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में उन्हें गार्जियन काउंसिल ने डिसक्वालिफाई कर दिया था।
यह भी पढ़ें:
क्या मुज्तबा खामेनेई रूस में करा रहे हैं इलाज? कुवैत के अखबार के दावे ईरानी राजदूत ने दिया ये जवाब