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जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री में 3 बार हुई बात, स्टेट ऑफ होर्मुज की जंग से सुरक्षित निकला भारत का जहाज

 Reported By: Devendra Parashar,  Vijai Laxmi Edited By: Amit Mishra
 Published : Mar 12, 2026 11:04 am IST,  Updated : Mar 12, 2026 03:56 pm IST

मिडिल-ईस्ट की जंग में जहां, दुनिया भर के जहाजों पर ईरान मिसाइल हमले कर रहा है तो वहीं भारत का जहाज स्टेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल आया है। इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर की ईरान के अपने समकक्ष अब्बास अराघची से 3 बार फोन कॉल पर बातचीत हुई है।

Ships In Strait Of Hormuz- India TV Hindi
Ships In Strait Of Hormuz Image Source : AP

नई दिल्ली: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। जंग की वजह से गंभीर होते ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्टेट ऑफ होर्मुज की भीषण जंग से भारतीय झंडे वाले तेल टैंकर युक्त जहाज सुरक्षित आ गए हैं। इस बीच खबर ये भी है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर से भारत के जहाजों निकलने की इजाजत दी। इस बारे में जब MEA से सवाल पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि एस जयशंकर ने ईरान से ऊर्जा सुरक्षा पर बात की, इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत ने तेहरान से तेल पर बातचीत की। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तीन बार बातचीत हुई है। अंतिम बातचीत शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात हुई।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे पुष्पक और परिमल

कम से कम 2 भारतीय टैंकर, पुष्पक और परिमल के स्ट्रेटेजिक रूप से अहम स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की खबर है, जबकि अमेरिका, यूरोप और इजरायल के जहाजों पर अभी भी रोक लगी हुई है। सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा एक लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर, जिसका कैप्टन एक भारतीय था, भी 2 दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा था और मुंबई पोर्ट पर रुका। यह भारत जाने वाला पहला जहाज बन गया जो इस वॉटरवे से सुरक्षित गुजरा। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से यहां समुद्री ट्रैफिक लगभग रुक गया है।

होर्मुज स्ट्रेट के बारे में जानें

होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच 55 किलोमीटर चौड़ा पानी का चैनल है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है। यह एनर्जी सेक्टर के हिसाब से ग्लोबल व्यापार का जरूरी हिस्सा है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और स्ट्रेटेजिक रूप से सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है। आमतौर पर हर दिन लगभग 13 मिलियन बैरल तेल इस पानी के रास्ते से गुजरता है जो दुनिया भर में तेल शिपमेंट का लगभग 31 प्रतिशत है। स्ट्रेट पर ट्रैफिक पर रोक से इराक, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बड़े पोर्ट के साथ-साथ खुद ईरान पर भी असर पड़ता है। इनमें से कई देशों के लिए, यह स्ट्रेट वह मुख्य रास्ता है जिससे तेल ग्लोबल मार्केट तक पहुंचता है।

ईरान ने क्या कहा?

दुनिया की लिक्विफाइड नैचुरल गैस का एक बड़ा हिस्सा भी इसी रास्ते से गुजरता है। जब यह फ्लो थोड़ी देर के लिए भी रुकता है, तो इसका असर दुनिया भर के फाइनेंशियल मार्केट, सप्लाई चेन और घरेलू बजट पर पड़ता है। अमेरिका और इजरायल की ओर से जारी हमलों के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने को लेकर कहा है कि जो शिप अमेरिका और इजरायल के फायदे के लिए काम कर रहे हैं वो पानी के रास्ते से सुरक्षित रूप से नहीं गुजर सकते। 

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