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ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अयातुल्ला अली खामेनेई का बड़ा बयान, जानें अमेरिका को लेकर क्या कहा

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Jun 04, 2025 02:52 pm IST,  Updated : Jun 04, 2025 02:52 pm IST

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। खामेनेई ने परमाणु कार्यक्रम के लेकर पेश किए गए अमेरिका के प्रस्ताव की आलोचना की है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई- India TV Hindi
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई Image Source : AP

दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता के दौरान पेश किए गए अमेरिका के प्रस्ताव की आलोचना की है। इस दौरान खामेनेई ने वाशिंगटन के साथ समझौते के विचार को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया है। अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी प्रस्ताव को ‘‘ ‘हम कर सकते हैं’ (ईरान सरकार का नारा) की अवधारणा के पूरी तरह खिलाफ’’ बताया।

यूरेनियम संवर्धन पर क्या बोले खामेनेई?

खामेनेई ने इस बात पर भी जोर दिया कि तेहरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे पास 100 परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं और उनका संवर्धन नहीं हुआ है तो वो हमारे लिए उपयोग करने योग्य नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम संवर्धन नहीं कर सकते तो हमें अमेरिका के सामने हाथ फैलाना चाहिए।’’ 

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई
Image Source : APईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई

अस्पष्ट है अमेरिकी प्रस्ताव

ईरान और अमेरिका के बीच पांच दौर की वार्ता के बाद भी अमेरिकी प्रस्ताव का विवरण अस्पष्ट है। समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ की एक खबर में अमेरिकी प्रस्ताव का विवरण दिया गया है, जिसकी पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने अलग से की है। खबर के अनुसार, प्रस्ताव में ईरान और आसपास के देशों के लिए यूरेनियम संवर्धन करने वाले एक संभावित परमाणु संघ की बात भी शामिल है। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान को अपना संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से छोड़ना होगा या नहीं, क्योंकि ‘एक्सियोस’ ने खबर दी है कि ईरान कुछ समय तक तीन प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम का संवर्धन कर सकेगा।

समझौता ना होने पर बढ़ेगा तनाव 

ईरान के साथ समझौता करना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके भरोसेमंद मित्र एवं पश्चिम एशिया के मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में से एक है। समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ कठोर आर्थिक प्रतिबंधों को हटा सकता है जिसके बदले में ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को सीमित कर सकता है या समाप्त कर सकता है। समझौता ना होने पर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है जहां गाजा पट्टी में इजरायल-हमास युद्ध के कारण पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति है। (एपी) 

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