रफह: इजरायल के सुरक्षा बलों ने गाजा में एक सहायता वितरण केंद्र की ओर बढ़ रहे लोगों पर गोलीबारी की है। इजरायली सेना की इस गोलीबारी में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। फलस्तीन के स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस बारे में जानकारी दी है। पिछले 3 दिनों में सहायता वितरण केंद्र पर आने वाले लोगों पर गोलीबारी की यह तीसरी घटना है। हालांकि, इजरायली सेना ने कहा है कि उसने कुछ संदिग्धों को निशाना बनाकर गोली दागी थी जिनका सुरक्षा बलों से आमना सामना हुआ था। सुरक्षा बलों ने यह भी कहा कि संदिग्धों ने चेतावनी स्वरूप चलाई गई गोली को नजरअंदाज किया था।
इजरायली सेना ने क्या कहा?
इजरायल की सेना ने कहा कि उसने संदिग्धों को भगाने के लिए गोलीबारी की थी। इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डिफ्रिन ने कहा, ‘हमास ने हताहतों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई है’ और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेना फलस्तीनियों को वितरण क्षेत्रों में सहायता केंद्र तक पहुंचने से नहीं रोक रही है, बल्कि उन्हें वहां जाने की अनुमति दे रही है। सहायता वितरण केंद्र का संचालन करने वाले ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ का कहना है कि सहायता वितरण स्थल में या वहां आसपास कोई हिंसा नहीं हुई है।

कहां हुई गोलीबारी
‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह जानकर दुख हुआ कि सुरक्षित गलियारे से निकलने के बाद कई नागरिक घायल हो गए और कई अन्य मारे गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि गोलीबारी की घटना फाउंडेशन के वितरण स्थल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर हुई। यह स्थान वीरान पड़े दक्षिणी शहर रफह में स्थित है।
किसने क्या कहा?
इजरायली सैन्य क्षेत्र के अंदर स्थित इजरायल और अमेरिका समर्थित ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ के सहायता वितरण केंद्र पर लगभग हर दिन गोलीबारी की घटना हो रही है। इजरायल का कहना है कि उसने हमास को रोकने के इरादे से यह व्यवस्था की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने इस नई व्यवस्था को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि इससे गाजा में व्याप्त भुखमरी के संकट का समाधान नहीं होगा। इजरायल इस सहायता वितरण केंद्र को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगा।

यह भी जानें
रफह के 50 वर्षीय विस्थापित यासर अबू लुब्डा ने कहा कि गोलीबारी में कई लोग मारे गए या घायल हुए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गोलीबारी में कम से कम 27 लोग मारे गए हैं। ‘रेड क्रॉस’ की अंतरराष्ट्रीय समिति के प्रवक्ता हिशम म्हाना ने कहा कि रफह में उसके ‘फील्ड अस्पताल’ में 184 घायल लोगों को भर्ती कराया गया है जिनमें से 19 को अस्पताल लाने पर मृत घोषित कर दिया गया जबकि 8 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल में नर्सिंग प्रमुख मोहम्मद साकर ने बताया कि मरने वालों में 2 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। अस्पताल के निदेशक आतिफ अल-हूत ने कहा कि अधिकतर मरीज गोली लगने से घायल हुए थे। (एपी)
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