तेहरानः इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान युद्ध के 23वें दिन में पहुंच गया है। ईरानी सेना अपने टॉप लीडरशिप को खोने के बाद भी इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर लगातार भीषण पलटवार कर रही है। इससे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी होश होश उड़ गए हैं। रविवार को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर पर डिमोना और अराद पर भीषण मिसाइल हमला किया है, जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसमें 6 से ज्यादा मौतों का भी दावा किया गया है। इससे एक दिन पहले ही ईरानी मिसाइल ने 4000 किलोमीटर दूर ब्रिटेन और अमेरिका के डिएगो गार्सिया स्थित एयरबेस पर हमला करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था। यह सब ईरान की टॉप लीडरशिप खोने के बाद भी कैसे हो रहा है, इसका खुलासा एक ईरानी अफसर ने खुद किया है। आइये जानते हैं...
महीनों पहले ही इजरायल और अमेरिका को जवाब की प्लानिंग हो चुकी थी तैयार
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने अल मायादीन नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा है कि ईरान के वर्तमान जवाबी हमले के तरीके कई महीनों पहले तैयार की गई चरणबद्ध योजना का हिस्सा हैं। ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से पहले ही यह प्लानिंग कर ली थी कि अगर इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत हो जाती है तो तेहरान उसका जवाब किस तरह से देगा.... जाहिर है, ईरान की सेना अपनी कई महीनों की प्लानिंग के तहत इजरायल और अमेरिका को जवाब दे रही है। ईरानी अफसर का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज हो गया है। अधिकारी ने बताया कि ईरान इस योजना को चरणबद्ध तरीके से और बड़ी रणनीतिक धैर्य के साथ लागू कर रहा है।
ईरान चरणबद्ध हमलों की प्लानिंग के तहत बढ़ रहा आगे
युद्ध का 23वां दिन शुरू हो चुका है। ऐसे में ईरान अपने चरणबद्ध प्लानिंग के तहत दुश्मनों पर जवाबी हमला करते आगे बढ़ रहा है। अभी उसकी भविष्य की प्लानिंग क्या है, इस बारे में सोचकर ही इजरायल और अमेरिका के अफसरों की नींद उड़ी हुई है, क्योंकि ईरानी की भविष्य की गुप्त प्लानिंग का कोई अंदाजा नहीं लगा पा रहा है। ईरानी अफसर ने दावा किया कि दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों और रडार ढांचे को नष्ट करने के बाद अब ईरान ने दुश्मन के हवाई क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस सैन्य लाभ के साथ, तेहरान निकट भविष्य में किसी युद्धविराम की संभावना नहीं देखता।
इजरायल और अमेरिका को ऐतिसाहिस सबक सिखाने की रणनीति
ईरान का इरादा आक्रामक को दंडित करने की नीति जारी रखना है, ताकि अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को ऐतिहासिक सबक सिखाया जा सके, जिसमें ट्रंप प्रशासन भी शामिल है। यह बयान ईरान की रणनीतिक दृढ़ता को दर्शाता है। अधिकारी ने जोर दिया कि यह रक्षात्मक युद्ध है, जो आक्रामकता के जवाब में शुरू हुआ। योजना पहले से तैयार होने से ईरान की सेना और नेतृत्व में समन्वय और तैयारी का स्तर स्पष्ट होता है। ईरान का कहना है कि वह युद्ध को तब तक जारी रखेगा जब तक हमलावर पूरी तरह पीछे नहीं हटता और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल नहीं होती।
अभी और चौंका सकता है ईरान
ईरान ने अपने प्रतिरोध के धुरी (एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस) सहयोगियों को भी किसी समझौते में शामिल करने पर बल दिया है। अधिकारी ने कहा कि जो देश ईरान के साथ खड़े रहे और इस व्यापक युद्ध में लड़े, उन्हें सकारात्मक परिणामों का लाभ मिलना चाहिए। तेहरान अभी इजरायल और अमेरिका को आगे और अधिक चौंका सकता है, क्योंकि ईरान की क्षमताओं का बड़ा हिस्सा अभी तक प्रकट नहीं हुआ है, जो आगे की चुनौतियों का संकेत देता है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय युद्ध को और जटिल बना रहा है। अमेरिका और इजरायल की ओर से हमलों के जवाब में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़े हैं।