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हमला करने के लिए तैयार है चीन? ताइवानी रक्षा मंत्रालय के बयान ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

 Published : Dec 10, 2024 09:36 pm IST,  Updated : Dec 10, 2024 09:36 pm IST

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के बयान ने दुनिया की टेंशन एक बार फिर बढ़ा दी है। ताइवान का कहना है कि उसके आसपास चीन की गुप्त सेना अपनी मौजूदगी बनाए हुए है।

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चीन के सैन्य जहाज की निगरानी करता ताइवान कोस्ट गार्ड का एक कर्मी। Image Source : AP

ताइपे: ताइवान के रक्षा मंत्रालय के ताजा बयान ने दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। उसने कहा है कि चीन की गुप्त सैन्य टुकड़ी ताइवान के आसपास कुछ करने की प्लानिंग करती दिख रही है, लेकिन यह साफ नहीं है कि ये कोई आर्मी ड्रिल है या कुछ और। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने पिछले 24 घंटे में चीनी नेवी के एक दर्जन जहाज और 47 सैन्य विमानों का पता लगाया है, लेकिन पिछले सैन्य अभ्यासों की तरह गोलाबारी जैसी कोई बात नजर नहीं आई है। रक्षा अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार तैनाती ज्यादा बड़े इलाके में की गई है, और अतिरिक्त जहाज ताइवान से आगे प्रशांत क्षेत्र के बाकी के इलाकों में भी जा रहे हैं।

‘उनका मैसेज बिल्कुल साफ है’

लेफ्टिनेंट जनरल हसिह जिह-शेंग ने कहा कि चीन की नेवी 2 दीवारें बना रही है, एक ताइवान की परिधि पर और दूसरी पहली आइलैंड चेन के बाहर, जो जापान से दक्षिण में और ताइवान से होते हुए फिलीपींस तक फैली हुई है। उन्होंने ताइवान और चीन के बीच के जल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘उनका मैसेज बिल्कुल साफ है: ताइवान जलडमरूमध्य हमारा है।’ ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते की हाल की विदेश यात्रा, जिसमें हवाई और गुआम भी शामिल थे, के जवाब में चीन की सेना संभावित सैन्याभ्यास के लिए तैयारियों में जुटी है। बता दें कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और इसके बाकी के देशों, खासकर अमेरिका के साथ आधिकारिक संबंध रखने का विरोध करता है।

चीन के हर कदम पर है नजर

ताइवान के प्रधानमंत्री लाई ने पिछले हफ्ते गुआम में अमेरिकी संसद के नेताओं से फोन पर बात की थी। बता दें कि दुनिया के ज्यादातर देशों की तरह अमेरिका भी ताइवान को औपचारिक रूप से एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है, लेकिन वह 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश के लिए हथियारों का सबसे बड़ा सप्लायर है। अभी तक चीन ने सैन्य अभ्यास की कोई घोषणा नहीं की है और यही वजह है कि ताइवान के अधिकारी जारी गतिविधि को ट्रेनिंग बता रहे हैं। बता दें कि चीन ने कई बार कहा है कि वह ताइवान को अपने साथ शामिल करके रहेगा भले ही इसके लिए जंग ही क्योंं न लड़नी पड़े। ऐसे में ताइवान के पास चीन की गुप्त सेना का मौजूद होना खतरे का संकेत है।

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