Israel US Iran War Update: इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिलहाल अस्थाई रूप से हमला रोकने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ वार्ता जारी है। अगले 5 दिनों तक ईरान पर हमला नहीं करेंगे। इस दौरान आगे का प्लान बनाएंगे कि क्या करना है। वहीं, ईरान का कहना है कि ट्रंप के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि अमेरिका 9 अप्रैल तक जंग खत्म करना चाहता है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि ट्रंप के पास डेडलाइन तय करने का अधिकार नहीं है।
इससे पहले अमेरिका ने महत्वपूर्ण बुनियादी और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी थी। ईरान ने भी ऐसा करने के बाद अमेरिकी आईटी सेक्टर को निशाना बनाने की धमकी दी। ईरानी रक्षा परिषद ने कहा कि युद्ध में शामिल न होने वाले देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने का एकमात्र तरीका ईरान के साथ समन्वय करना है। होर्मुज में केवल उन्हीं देशों को रास्ता मिलेगा, जो इजरायल-अमेरिका के सहयोगी नहीं हैं। इस दौरान ईरान ने इजरायल के दिमोना परिसर को निशाना बनाने पर कहा कि वह नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले की प्रतिक्रिया थी।
इस बीच अमेरिका का एक फाइटर जेट कुवैत में क्रैश हो गया है। अल-अहद समाचार नेटवर्क के अनुसार, विमान पर हमला हुआ और कुछ ही मिनट पहले वह नीचे गिर गया।
2 एलपीजी टैंकर भारत की ओर रवाना
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर जग वसंत और पाइन गैस इस समय फारस की खाड़ी से भारत की ओर रवाना हो रहे हैं। दोनों जहाज लारक केशम जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज विश्व के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद एलपीजी टैंकरों के कार्गो के साथ भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ने की उम्मीद है।
इस दौरान इजरायल ने ईरान के 40 ठिकानों पर बड़ा हमला किया है, जिसमें बिजली ग्रिड समेत अन्य ऊर्जा ठिकाने शामिल हैं।
ईरान से जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "आसान शब्दों में कहें तो शक्ति से ही शांति आती है।" ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान और अमेरिका के बीच प्रतिष्ठा का युद्ध तेज हो गया है। अमेरिका किसी भी कीमत पर होर्मुज को खोलवाना चाहता है, जबकि ईरान ने इसकी पूर्ण बंदी घोषित कर रखा है। सिर्फ मित्र देशों के ही जहाज को अपनी शर्तों पर जाने दे रहा है।
दूसरी तरफ तेहरान और उसके सहयोगी हिजबुल्ला ने मिलकर इजरायल पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ट्रंप की ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की नई धमकी पर अमल करता है, तो तेल और अन्य निर्यात के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत ''पूरी तरह से बंद'' कर दिया जाएगा।
दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फारसी नव वर्ष नवरोज के अवसर पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन को बधाई दी है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक संदेश में पुतिन ने कहा, "हम तेहरान के वफादार दोस्त और भरोसेमंद सहयोगी बने रहेंगे।" रूसी नेता ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरानी वर्तमान युद्धकालीन कठिनाइयों का सम्मानपूर्वक सामना करेंगे। रूस तेहरान के सबसे शक्तिशाली राजनयिक सहयोगियों में से एक है और उसने ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध की बार-बार निंदा की है।
इससे पहले इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि डिएगो गार्सिया पर हाल ही में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों से स्पष्ट होता है कि फारस खाड़ी का देश यूरोप तक मार करने की क्षमता रखता है और वह पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा करता है। नेतन्याहू ने रविवार को अराद शहर का दौरा भी किया, जहां ईरान की मिसाइलों की वजह से सैकड़ों लोग घायल हो गए। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि उनका देश और अमेरिका पूरी दुनिया की ओर से मिलकर लड़ रहे हैं।