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किम जोंग ने लिया ट्रंप से पंगा, क्रूज मिसाइल परीक्षण कर जताया अमेरिका को कड़ा जवाब देने का प्रण

 Published : Jan 26, 2025 10:49 am IST,  Updated : Jan 26, 2025 10:49 am IST

उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अमेरिका से फिर दुश्मनी ठान ली है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद किम जोंग ने पहली बार क्रूज मिसाइल का परीक्षण करके सीधे अमेरिका को चेतावनी दी है।

उत्तर कोरिया ने किया क्रूज मिसाइल टेस्ट। - India TV Hindi
उत्तर कोरिया ने किया क्रूज मिसाइल टेस्ट। Image Source : AP

सियोल: उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पंगा ले लिया है। उत्तर कोरिया ने रविवार को क्रूज मिसाइल प्रणाली का परीक्षण करने के बाद दावा किया है कि वह अमेरिका को कड़ा जवाब देने की तैयारी कर रहा है। किम जोंग ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यासों की संख्या बढ़ाये जाने का ‘कड़ा’ जवाब देने का यह मेरा संकल्प है। उत्तर कोरिया ने वर्ष तीसरी बार मिसाइल प्रणाली का परीक्षण किया है।

उत्तर कोरिया के इस कदम से संकेत मिलता है कि वह अपने हथियारों के परीक्षणों और अमेरिका के खिलाफ टकराव के रुख को जारी रखेगा हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से संपर्क करेंगे। आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल’ समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, किम ने शनिवार को समुद्र से सतह पर मार करने वाली सामरिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण देखा। ‘सामरिक’ से मतलब है कि ऐसी मिसाइल, जो परमाणु-सक्षम हो। एजेंसी ने बताया कि मिसाइलों ने 1,500 किलोमीटर (932 मील) की दूरी तय कर अपने लक्ष्यों को निशाना बनाया हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गयी।

उत्तर कोरिया और अमेरिका में लंबे समय से है तनातनी

समाचार एजेंसी ने किम के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया की युद्ध रोधी क्षमताएं पहले की तुलना में बेहतर हो रही है और उन्होंने अधिक शक्तिशाली रूप से विकसित सैन्य शक्ति के आधार पर स्थिरता की रक्षा के लिए देश द्वारा कड़ी मेहनत किये जाने की पुष्टि की। एजेंसी ने रविवार को एक अलग खबर में बताया, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने इस महीने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सिलसिलेवार सैन्य अभ्यासों के जरिये उत्तर कोरिया को लक्षित कर ‘गंभीर रूप से सैन्य उकसावे’ के लिए पश्चिमी देश की आलोचना की।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “वास्तविकता यह है कि डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपल्बिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) को शुरू से अंत तक अमेरिका को कड़े से कड़ा जवाब देना चाहिए क्योंकि पश्चिमी देश कोरियाई राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को नकारता रहा रहा और उससे निपटने के लिए यही सबसे अच्छा विकल्प है।  (एपी)

 

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